द फॉलोअप डेस्क
झारखंड सरकार की ओर से निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ चलाए गए 15 दिवसीय राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान का समापन गुरुवार को रांची के शौर्य सभागार, डोरंडा में आयोजित समारोह के साथ हुआ। अभियान के सफल संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सम्मानित किया। इस अवसर पर गिरिडीह की जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) अंजना भारती को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में अंजना भारती के अलावा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद, रांची की जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उर्वशी पांडे, सहायक निदेशक अभय कुमार तथा पलामू के जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. असीम कुमार को भी अभियान के प्रभावी संचालन और जनजागरूकता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें समाजहित में किए गए कार्यों के लिए बधाई दी गई।

विभिन्न माध्यमों से युवाओं को किया गया जागरूक
15 दिवसीय अभियान के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने नुक्कड़ नाटक, एलईडी प्रचार वाहन, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए लोगों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। विभागीय निदेशालय ने पूरे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की, जिससे राज्य के सभी जिलों में कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सका।
.jpeg)
'नशामुक्त समाज जनभागीदारी से ही बनेगा' : डॉ. इरफान अंसारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए आम नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीमों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से अभियान का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल भविष्य में एक व्यापक जन आंदोलन का रूप लेगी।