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गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन, प्रधानमंत्री से था घनिष्ठ संबंध

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द फॉलोअप टीम, अहमदाबाद 
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन हो गया। वो 92 साल के थे। बताया जा रहा है कि उनका निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ है। वो गुजरात के दो बार मुख्यमंत्री रहे। उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काफी घनिष्ठ संबंध रहा।

मोदी के राजनीतिक गुरु थे केशुभाई
केशुभाई जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। वह दो बार मुख्यमंत्री बने लेकिन राजनीतिक तख्तापलट की वजह से दोनों बार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। 2001 में उनकी जगह नरेंद्र मोदी ने सीएम पद की शपथ ली। मोदी उन्हें अपना राजनीतिक गुरु भी मानते हैं।

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भाजपा के सारथी थे केशुभाई 
1977 में केशुभाई पटेल राजकोट से लोकसभा के लिए चुने गए थे। बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया और बाबूभाई पटेल की जनता मोर्चा सरकार में 1978 से 1980 तक कृषि मंत्री रहे। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री बनने पर कहा भी था कि सूबे की असल कमान केशुभाई के हाथ में ही है। उन्हें बीजेपी का रथ हांकने वाला सारथी करार दिया था।

केशुभाई से आशीर्वाद लेने जाते थे मोदी
कहा जाता है कि नरेंद्र मोदी जब-जब गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे तब-तब चुनाव जीतने के बाद केशुभाई का आशीर्वाद लेने जरूर जाते थे। इस दौरान पीएम मोदी उन्हें मिठाई भी खिलाते थे। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के अडालज में शिक्षण भवन और विद्यार्थी भवन का शिलान्यास करने के लिए मंच पर पहुंचे थे, तो वहां गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल पहले से मौजूद थे। इस पर पीएम मोदी सभी से हाथ मिलाते हुए उनके पास आए तो उन्होंने झट से झुककर केशुभाई पटेल के पैर छू लिए थे। इस दौरान सभी की नजरें दोनों की मुलाकात पर टिक गईं थीं।

भाजपा  से अलग होकर बनाई थी पार्टी
केशुभाई 1980 से 2012 तक बीजेपी का हिस्सा थे। 1995 में उन्हीं के नेतृत्व में गुजरात में बीजेपी की सरकार बनी थी। हालांकि 2012 में बीजेपी से अलग होकर उन्होंने गुजरात परिवर्तन पार्टी बनाई थी। तब उन्होंने मोदी की सार्वजनिक मंच से आलोचना भी की थी।