द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने से साफ इनकार कर दिया है। एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि जब तक अमेरिका तेहरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक पुराने वार्ता ढांचे में लौटने की कोई उम्मीद नहीं है। गालिबाफ के अनुसार, ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक अपनी मांगें पहुंचा दी हैं और ईरानी जनता के अधिकारों की मान्यता व अमेरिकी प्रतिबद्धताओं को पूरा किए जाने तक होर्मुज को खोलने का सवाल नहीं उठता।
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अमेरिका तक पहुंचाई गई तीन प्रमुख शर्तें
तनाव के बीच ईरानी सैन्य कमान ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है। IRNA के हवाले से बताया गया है कि अगर अमेरिका ने दोबारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की, तो पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बनाया जाएगा। वहीं, ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई के मुताबिक, कतर की मध्यस्थता के जरिए संघर्ष खत्म करने के लिए तीन प्रमुख शर्तें अमेरिका तक पहुंचाई गई हैं- सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकना, ईरान के फ्रीज किए गए धन को जारी करना और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना। इस बीच अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM का कहना है कि नाकाबंदी लागू कराने के दौरान 109 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला गया है। अमेरिका ने 14 जुलाई से ईरानी बंदरगाहों से जुड़े समुद्री यातायात पर नाकाबंदी की कार्रवाई फिर शुरू की थी।

ईरान को भुगतने पड़ सकते हैं गंभीर परिणाम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को चेतावनी दी है कि अगर तेहरान अपने रुख में बदलाव नहीं करता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। हालांकि, ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बातचीत की संभावना के संकेत भी दिए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दुनिया भर के नेता UNGA के लिए न्यूयॉर्क में जुटे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां समुद्री यातायात में किसी बड़े व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
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