द फॉलोअप डेस्क:
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे और बैंगन से हमला किया गया। महुआ मोइत्रा ने वीडियो जारी करके आरोप लगाया है कि नादिया जिले के कालीगंज स्थित टीएमसी के दफ्तर में उनके ऊपर अंडे और बैंगन फेंके गए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पार्टी दफ्तर की तीसरी मंजिल को निशाना बनाकर लगातार अंडे और बैंगन फेंके।
महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर इस घटना के दौरान मूकदर्शक बने रहने के आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले तो सूचना देने पर पुलिस काफी देर से वहां पहुंची और फिर उपद्रवियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वह खड़े होकर तमाशा देखती रही।
TMC MP MAHUA MOITRA ATTACKED WITH EGGS
— Nabila Jamal (@nabilajamal_) July 1, 2026
"Currently being attacked by BJP goons with WB Police watching on" TMC MP Mahua Moitra posted pic.twitter.com/Ap3UrcHf7c
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में क्या है!
सोशल मीडिया में वायरल तस्वीरों में महुआ मोइत्रा दफ्तर की खिड़की के पास खड़ी नजर आती हैं। वह अपनी साड़ी दिखाती हैं, जिनमें कथित तौर पर अंडे का योक लगा है। खिड़की पर भी टूटे हुए अंडे दिखाई पड़ते हैं। इस दौरान वीडियो में सड़क पर खड़ी भीड़ में से कुछ लोग अंडे और सब्जियां इमारत की ओर फेंकते दिखाई पड़ते हैं। महुआ मोइत्रा ने बीजेपी पर आरोप लगाया है, लेकिन भाजपा ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। पुलिस ने भी इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
गौरतलब है कि हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विरोधियों पर अंडे फेंकने की बढ़ती घटनाओं पर सख्त टिप्पणी की थी। इससे पहले टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी अंडों से हमला किया गया था।

बंगाल में बीजेपी-टीएमसी में गतिरोध जारी है
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हालिया विधानसभा चुनाव में 15 साल के टीएमसी शासन का अंत हो गया। आजादी के 7 दशक बाद पहली बार बंगाल में भाजपा की सरकार है। चुनाव बाद ही प्रदेश के कई जिलों में हिंसा की खबरें आईं। मुख्यमंत्री शुभेंदू अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई। कई और टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं की भी जान गई। इस बीच चौंकाने वाले घटनाक्रम में टीएमसी के 80 निर्वाचित विधायकों में 60 ने बगावत करके अलग गुट बना लिया।
लोकसभा में भी 28 में से 20 सांसदों ने बगावत कर दी। राज्यसभा के भी सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। टीएमसी अभी मुश्किल दौर से गुजर रही है।