द फॉलोअप, रांची
झारखंड सरकार के विभिन्न संवर्गों के अधिकारियों-कर्मचारियों का ग्रेड पे बढ़ाने का एक सुनियोजित खेल चल रहा है। वित्त विभाग के अधिकारी भी इसमें शामिल हैं। जिसकी जितनी पैरवी और पहुंच है, उसका ग्रेड-पे उसी अनुरूप बढ़ता जा रहा है। कुछ संवर्गों के अधिकारी तो अपना ग्रेड-पे बढ़वा चुके हैं। अब कुछ क्यू में लगे हैं। जानकारी के अनुसार ग्रेड-पे बढ़ाने का कोई एक समान नियम नहीं होने के कारण, इसका अपने अपने तरीके से व्याख्या की जा रही है। उसी अनुरूप किसी का ग्रेड-पे बढ़ाने पर सहमति और किसी का बढ़ाने पर असहमति व्यक्त की जा रही है। जिसका ग्रेड पे बढ़ाने पर मुहर लगती है, उसके साथ एक तर्क यह दिया जाता है कि इस कैडर के कर्मी जेपीएससी की संयुक्त सिविल प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा से चयनित होकर आए हैं, जिससे 5400 ग्रेड पे वाले अन्य अधिकारी भी। इसीलिए सामान ग्रेड-पे दिया जा सकता है। लेकिन वे भूल जाते हैं कि जेपीएससी या बीपीएससी द्वारा सिविल सेवा परीक्षा से कई संवर्ग के पदाधिकारी चयनित होते हैं। उन संवर्गों के अधिकारियों का अलग अलग ग्रेड-पे होता है।

जानकारी के अनुसार सीआई 4200 के ग्रेड पे में ज्वाइन करते हैं। जैसे ही इनको प्रमोशन मिलेगा, उनका ग्रेड-पे 5400 हो जाता है। यही हाल एमवीआई का है। एमवीआई भी 4200 के ग्रेड-पे में नियुक्त होने के बाद, प्रमोशन पाते ही 5400 के ग्रेड-पे में चले जाते हैं। हालांकि एमवीआई के मामले में एक और खेल किया गया। एमवीआई को प्रमोशन वरीय एमवीआई के पद पर मिलता था। इस प्रमोशन से उनका ग्रेड पे 4200 से बढ़ कर 4600 होता था। दूसरी बार वरीय एमवीआई से डीटीओ पद पर प्रमोशन मिलता था और तब ग्रेड पे 4600 से 5400 होता था। लेकिन वरीय एमवीआई का पद ही विलुप्त कर दिया गया। इस तरह एमवीआई से प्रमोशन मिलते ही अब उनका ग्रेड-पे सीधे 4200 से 5400 हो जाता है। इसी तरह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी और कनीय अभियंताओं ने भी जुगाड़ तंत्र का उपयोग कर प्रमोशन के साथ अपना ग्रेड-पे 4200 से 5400 करा लिया।

जानकार सूत्रों के अनुसार अब फॉरेंसिक सेवा, अभियोजन सेवा, प्रोबेशन सेवा के अधिकारी भी इसी कतार में लगे हैं। वे भी 4800 से बढ़ा कर अपना ग्रेड पे 5400 कराने में लगे हैं। इधर सूचना सेवा, सचिवालय सेवा व कई अन्य संवर्ग के अधिकारी इस लाभ से वंचित हैं। जानकार बताते हैं कि सचिवालय सेवा के अधिकारी 4600 के ग्रेड पे में ज्वाइन करते हैं। आठ साल की सेवा के बाद प्रोन्नति मिलने पर उनके ग्रेड-पे में 200 रुपए की वृद्धि होती है। उसके बाद जब फिर प्रोन्नति मिलती है, जिसमें 18-20 वर्ष का समय लगता है, तब उनका ग्रेड-पे 5400 होता है। जबकि सीआई, एमवीआई, एलइओ, जेई 8-10 की सेवा के बाद प्रोन्नति मिलते ही 5400 के ग्रेड पे का लाभ लेने लगते हैं।
