द फॉलोअप डेस्क:
झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य और पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शुक्रवार (3 जुलाई) को नई दिल्ली में 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुईं। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस कार्यक्रम में झारखंड की पंचायतों के अधिकारों और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से रखा। दीपिका पांडेय ने जानकारी दी है कि झारखंड को वर्ष 2026-27 और 2030-31 के बीच लगभग 14,231 करोड़ रुपये की अनुदान राशि मिलेगी। उन्होंने बताया कि इनमें से 11,385 करोड़ बेसिक ग्रांट जबकि 2,846 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल है।
आज नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल होकर झारखंड की पंचायतों के अधिकारों और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से रखा।
— Dipika Pandey Singh (@DipikaPS) July 3, 2026
झारखंड को वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच लगभग 14,231 करोड़ की अनुदान राशि प्राप्त होगी, जिसमें… pic.twitter.com/i9HKJarwsw
15वें वित्त आयोग की बकाया राशि की मांग
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि अनुदान राशि का इस्तेमाल ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को सशक्त बनाते हुए स्थानीय विकास और जनसेवा को गति देने में किया जायेगा। दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार के सामने 15वें वित्त आयोग की बकाया राशि का भुगतान जल्दी करने का अनुरोध किया है।

16वें वित्त आयोग की राशि समय पर मिले!
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्र सरकार से कहा कि 16वें वित्त आयोग की अनुदान राशि समय पर जारी किया जाए, ताकि विकास कार्य बाधित ना हों। उन्होंने कहा कि परफॉर्मेंस ग्रांट के निर्धारण में झारखंड जैसे राज्यों की वास्तविक परिस्थितियों और सीमित राजस्व क्षमता को ध्यान में रखते हुए उदार दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल पंचायत के सहायक सचिवों के बेहतर मानदेय एवं प्रशासनिक व्यय के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाए।