द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर संशोधित समय-सारिणी जारी की गई है। नए कार्यक्रम के तहत 22 अक्टूबर तक नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े पहले और दूसरे नोटिस का निपटारा किया जाएगा। वहीं, 31 अक्टूबर तक दूसरे नोटिस के बावजूद जरूरी दस्तावेज जमा नहीं करने वाले मतदाताओं का सत्यापन और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की ओर से घर जाकर जांच करने की कार्रवाई पूरी करनी होगी। इसी तारीख तक फॉर्म-6, 6-ए, 7 और 8 से जुड़े सभी दावों एवं आपत्तियों का डिजिटाइजेशन भी पूरा किया जाएगा। इसके बाद 1 से 12 नवंबर तक छूटे हुए पात्र नागरिकों के फॉर्म-6 का होम-टू-रोल सत्यापन और डिजिटाइजेशन होगा। वहीं, 1 से 21 नवंबर के बीच निपटाए गए नोटिस की जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO), रोल ऑब्जर्वर और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर पर जांच व सुपर चेकिंग की जाएगी। इसके अलावा 1 से 23 नवंबर तक ई-सीनेट में नोशनल हाउस नंबर, नजरी नक्शा, की-मैप, गूगल मैप और मतदान केंद्रों की तस्वीरों को अपडेट करने का काम पूरा किया जाएगा।

नवंबर के अंतिम सप्ताह में होगी अंतिम सूची की तैयारी
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, 23 नवंबर तक मतदाता सूची से संबंधित सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण कर लिया जाएगा। इसके बाद 24 से 29 नवंबर के बीच मतदाता सूची के प्राप्त आंकड़ों से जुड़े निर्धारित मानकों की जांच की जाएगी। इसी अवधि में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन और मुद्रण के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति लेने की प्रक्रिया पूरी होगी। पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद 30 नवंबर को झारखंड में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। नई समय-सारिणी के तहत नोटिस के निपटारे, दस्तावेजों के सत्यापन, छूटे हुए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने और दावों-आपत्तियों के निस्तारण के लिए अलग-अलग समयसीमा निर्धारित की गई है।
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