द फॉलोअप डेस्क
झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग ने कैथी लिपि में लिखे पुराने भू-अभिलेखों को पढ़ने और समझने के लिए कैथी लिपि पाठ्यपुस्तिका तैयार की है। इसका उद्देश्य उन लोगों की परेशानी दूर करना है, जिन्हें पुराने खतियान और अन्य भूमि अभिलेखों को समझने में दिक्कत का सामना करना पड़ता था।

पुराने खतियान पढ़ने में मिलेगी मदद
विभाग के सचिव चंद्रशेखर द्वारा जारी प्रस्तावना के अनुसार, राज्य सरकार भूमि स्वामित्व, हस्तांतरण और भूमि अभिलेखों के संरक्षण का कार्य करती है। झारखंड के कई पुराने भू-अभिलेख, जैसे खतियान और विलेज (जेड) रजिस्टर, कैथी लिपि में लिखे गए हैं। वर्तमान समय में इस लिपि को पढ़ने और समझने वाले लोगों की संख्या काफी कम हो गई है, जिसके कारण भूमि विवादों और अन्य राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे में कई तरह की समस्याएं सामने आती हैं।

आम लोगों और अधिकारियों दोनों के लिए होगी उपयोगी
इन चुनौतियों को देखते हुए राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने कैथी लिपि को सरल और सहज तरीके से समझाने के उद्देश्य से यह पाठ्यपुस्तिका तैयार की है। सरकार का मानना है कि यह पुस्तक न केवल आम नागरिकों के लिए उपयोगी होगी, बल्कि राजस्व विभाग के कर्मियों और अधिकारियों को भी पुराने भूमि अभिलेखों को पढ़ने, समझने और उनके आधार पर मामलों का त्वरित निष्पादन करने में मदद करेगी। इससे भूमि संबंधी कार्यों में पारदर्शिता और सुगमता आएगी।