नई दिल्ली
भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा और संविधान प्रदत्त मताधिकार की रक्षा के लिए आयोजित दिल्ली सुप्रीम कोर्ट मार्च में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई। दिल्ली की सड़कों पर झारखंड कांग्रेस के नारों और कार्यकर्ताओं की आवाज ने लोकतंत्र एवं मताधिकार की रक्षा के संकल्प को बुलंद किया। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में आयोजित इस लोकतांत्रिक मार्च में झारखंड सह-प्रभारी भूपेंद्र मरावी, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उपनेता राजेश कच्छप, प्रदेश के मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, राधाकृष्ण किशोर और इरफान अंसारी, सांसद सुखदेव भगत और कालीचरण मुंडा, विधायक सुरेश बैठा, कुमार जय मंगल, ममता देवी, भूषण बाड़ा, नमन विकसल, रामचंद्र सिंह और सोनाराम सिंकू शामिल हुए।
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ये नेता हुए शामिल
इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू और राजेश ठाकुर, पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, पूर्व मंत्री सुबोध कांत सहाय और बन्ना गुप्ता, सांसद फुरकान अंसारी, कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, शहजादा अनवर, जलेश्वर महतो, रविंद्र सिंह, सतीश पौल, मुजनी केदार पासवान, महिला अध्यक्ष रमा खलखो, मेयर सुधा गुप्ता, पूर्व युवा आयोग अध्यक्ष कुमार गौरव, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ज्योति सिंह माथारू, युवा अध्यक्ष कुमार गौरव, शमशेर आलम, रियाज अंसारी, ओबीसी के प्रदेश अध्यक्ष निशांत जायसवाल, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज उरांव, अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रशांत किशोर, अनुपमा सिंह, शशि भूषण राय, राजेश सिंह, सनी यशवानी सहाय, सुंदरी तिर्की और आभा सिन्हा ने भी हिस्सा लिया।
मार्च में विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्ष कुमार राजा, सुखेर भगत, परमिंदर सिंह, संतोष सिंह, कामेश्वर यादव, चंद्रदेव गोप, शाहबाज अहमद, बजरंग महतो, सुनील उरांव, प्रभात दुबे, विजय यादव, प्रताप कुलदीप, रवि, सौरभ अग्रवाल, डॉ. आरसी मेहता, तपेश्वर नाथ मिश्रा, फहद अहमद, शिल्पी वर्मा और अमरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

संभावित प्रतिकूल प्रभावों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की
इस दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के माध्यम से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नागरिकों के मताधिकार पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट की सुरक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता तथा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। झारखंड कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार का संरक्षण लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। पार्टी ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को उसके वोट के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज और उसके मत का सम्मान सर्वोपरि है। संविधान एवं लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी अपनी आवाज उठाती रहेगी।
