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जामताड़ा : नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में दो दोषी करार, 8 जून को अदालत सुनाएगी सजा

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जामताड़ा
अदालत ने एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। जिला जज प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत द्वारा मामले की अंतिम सुनवाई पूरी की गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों को सुनने के बाद मिहीजाम थाना क्षेत्र के बोदमा अर्जुनडीह निवासी लाखन राणा और रणजीत राणा को POCSO एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत दोषी करार दिया। न्यायालय ने सजा की अवधि तय करने के लिए 8 जून की तिथि निर्धारित की है। दोषी करार दिए जाने के तुरंत बाद दोनों अपराधियों को न्यायिक हिरासत में लेकर मंडल जेल भेज दिया गया। 
बकरी ढूंढने के बहाने झाड़ी में ले जाकर की थी दरिंदगी
घटना 28 नवंबर 2024 की है। पीड़िता की मां द्वारा मिहीजाम थाने में दर्ज कराई गई FIR (कांड संख्या 77/2024) के अनुसार, घटना के दिन आरोपी पीड़िता के घर पहुंचे थे। उन्होंने नाबालिग से झूठ बोला कि उसकी बकरी को एक कुत्ते ने घायल कर दिया है और वह झाड़ी में पड़ी है। अपनी बकरी की चिंता में जैसे ही नाबालिग लड़की झाड़ी की ओर गई, घात लगाए बैठे दोनों आरोपियों ने उसे दबोच लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को जमीन पर पटक दिया और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। बेहोश करने की दवा छिड़की, बियर की बोतल से किया हमला
आरोपियों की क्रूरता यहीं नहीं रुकी। दर्ज मामले के अनुसार, उन्होंने पीड़िता पर कोई बेहोशी की दवा भी छिड़की थी ताकि वह शोर न मचा सके। इसके अलावा, विरोध करने पर अपराधियों ने बियर की बोतल से उसके माथे पर वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सरकार की ओर से न्यायालय में सात महत्वपूर्ण गवाहों का परीक्षण कराया गया। गवाहों के बयानों और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी पाया है। अब पूरे इलाके की नजरें 8 जून को होने वाले सजा के एलान पर टिकी हैं।
 

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