द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस के समीप एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है। यहां एक बेसहारा गाय को बचाने के प्रयास में यात्रियों से भरी एक तेज रफ्तार ऑटो अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर ही पलट गई। इस अचानक हुए हादसे के कारण ऑटो में सवार चालक सहित चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोग और पुलिस मदद के लिए दौड़े। चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ऑटो चालक दुर्योधन महतो सदर अस्पताल रोड होते हुए जामताड़ा शहर की तरफ आ रहा था। जैसे ही ऑटो सर्किट हाउस के पास पहुंची, अचानक एक गाय सड़क के बीचों-बीच आ गई। रफ्तार तेज होने के कारण चालक ने सूझबूझ दिखाने की कोशिश की और गाय को बचाने के क्रम में गाड़ी को तेजी से मोड़ा। इस प्रयास में ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पास के एक गड्ढे में जा फंसी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।

कर्माटांड़ से जामताड़ा आ रहे थे सभी ग्रामीण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुईं चारों महिलाएं कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के नवाए कोल गांव की रहने वाली हैं। घायलों की पहचान रास मुनि टुडू, पूनम मुर्मू, बालिका मनी और चांद मुनि टुडू के रूप में की गई है। इसके साथ ही ऑटो चालक दुर्योधन महतो को भी इस हादसे में चोटें आई हैं। ये सभी ग्रामीण महिलाएं अपने निजी और जरूरी काम के सिलसिले में ऑटो पर सवार होकर जामताड़ा बैंक आ रही थीं।

बैंक के काम और खेती-बाड़ी की खरीदारी का था प्लान
ग्रामीण महिलाओं ने योजना बनाई थी कि बैंक का काम निपटाने के बाद वे जामताड़ा बाजार जाएंगी। वहां से उन्हें अपने खेतों के लिए खेती-बाड़ी से संबंधित जरूरी सामग्री और अन्य सामानों की खरीदारी करनी थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; अपने गंतव्य और जामताड़ा बाजार पहुंचने से पहले ही वे सर्किट हाउस के पास इस भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गईं।
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बाल-बाल बची मासूम बच्ची
इस पूरी घटना में सबसे राहत और चमत्कार की बात यह रही कि ऑटो में इन महिलाओं के साथ एक छोटी बच्ची भी सवार थी, जिसे खरोंच तक नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता दिखाई और पुलिस के साथ मिलकर ऑटो में फंसे सभी घायलों को बाहर निकाला। जामताड़ा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को इलाज के लिए जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उनका प्राथमिक उपचार चल रहा है और सभी की स्थिति खतरे से बाहर है।