जमशेदपुर
जमशेदपुर के टाटानगर रेल यार्ड में मंगलवार रात कथित तौर पर तेंदुआ देखे जाने की खबर से हड़कंप मच गया। रेलवे ट्रैक के आसपास करीब 9:30 बजे एक रेलकर्मी और आरपीएफ जवानों ने एक जंगली जानवर को घूमते हुए देखा, जिसके बाद इसका वीडियो भी बनाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रेलकर्मी ने इंजन से ही झाड़ियों के पास जानवर को घूमते हुए देखा। कुछ देर तक वह यार्ड क्षेत्र में मंडराता रहा, फिर एक जगह रुककर लंबे घास में ओझल हो गया। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने यार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को सतर्क कर दिया और वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई।
विभाग ने क्या कदम उठाए?
इधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ सबा आलम अंसारी ने तत्काल वन विभाग की टीम को मौके पर रवाना किया। उन्होंने बताया कि इलाके में माइकिंग कर लोगों को सावधान रहने की अपील की गयी है और कई स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाये गये हैं, ताकि जानवर की सटीक पहचान और लोकेशन का पता लगाया जा सके। डीएफओ ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा कि जिस जानवर को तेंदुआ बताया जा रहा है, वह उसकी चाल और बनावट से वाइल्ड कैट (जंगली बिल्ली) भी हो सकती है। फिलहाल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है और पुष्टि के बाद ही स्पष्ट जानकारी दी जायेगी।
एरिया मैनेजर ने जताई जानवर के यार्ड तक पहुंचने की संभावना
रेलवे के एरिया मैनेजर ने संभावना जतायी है कि जानवर किसी मालगाड़ी के जरिए यार्ड तक पहुंचा हो सकता है, हालांकि इसके पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। बता दें कि यह इलाका रेलवे संचालन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, जहां दिन-रात शंटिंग और कर्मचारियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में जंगली जानवर की मौजूदगी से कर्मचारियों और आसपास के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों ने चक्रधरपुर रेल मंडल और वन विभाग से समन्वय बनाकर जल्द रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘टाटानगर की रेल यूजर्स’ पर भी इस मामले को लेकर पोस्ट किया गया, जिसमें रेलवे सुरक्षा बल और वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की अपील की गयी है। इसके बाद दक्षिण पूर्व रेलवे के आरपीएफ ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए चक्रधरपुर मंडल को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
टेल्को थाना क्षेत्र में 4 अप्रैल 2022 को लकड़बग्घा देखे जाने की घटना सामने आई थी, जिसे स्थानीय लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला था। इस घटना के बाद खड़ंगाझार, मनीफिट और बिरसानगर इलाके में कई दिनों तक दहशत का माहौल बना रहा था। इसके अलावा सरायकेला, चांडिल और चौका क्षेत्र में एक बाघ भी लंबे समय तक विचरण करता रहा था, जिसे बाद में वन विभाग ने पकड़ा था। वन विभाग और रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय रेल ट्रैक और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में अकेले न जाएं। किसी भी जंगली जानवर के दिखने पर उसे छेड़ने या पास जाने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।