औरंगाबाद, बिहार
प्रधानमंत्री की अपील के बाद पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में लोग जागरूक होते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने साइकिल से न्यायालय पहुंचकर एक खास संदेश देने की कोशिश की। सुबह करीब सात बजे वे शहर के दानीबिगहा स्थित अपने आवास से दो अंगरक्षकों के साथ साइकिल पर निकले और करीब दो किलोमीटर की दूरी तय कर न्यायालय पहुंचे। उनके साथ न्यायालय के नाजीर समेत कुछ अन्य कर्मी भी साइकिल से मौजूद रहे।
40 से अधिक देशों में वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने की बात हो रही है, प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील के बाद एक वीडियो आया है जहां #औरंगाबाद के जिला न्यायाधीश साईकिल से कोर्ट आए और उनके सुरक्षाकर्मी भी साईकिल पर दिखे...#Bihar #Aurangabad pic.twitter.com/zsZ1FwRQ3f
— Garima Bharti (@GarimaBharti19) May 13, 2026

आम नागरिक की तरह सड़क पर दिखे जज
प्रधान जिला जज को साइकिल चलाते हुए देखकर रास्ते में कई बाइक, कार और साइकिल सवार गुजरते रहे, लेकिन अधिकांश लोगों को यह अंदाजा नहीं हो सका कि साइकिल से सफर करने वाला व्यक्ति जिले का प्रधान जिला जज है। पुरानी जीटी रोड पर कर्मा मोड़ और ब्लॉक मोड़ के समीप लोगों की भीड़ के कारण उन्हें कुछ देर रुकना भी पड़ा। पूरे रास्ते वे पूरी सादगी के साथ आम नागरिक की तरह यात्रा करते दिखाई दिए, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

न्यायालय पहुंचते ही सक्रिय हुई सुरक्षा व्यवस्था
जब प्रधान जिला जज न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर पहुंचे तो वहां तैनात पुलिसकर्मी उन्हें देखकर तुरंत सक्रिय हो गए और तत्काल गेट खोला गया। पुलिसकर्मियों के अनुसार प्रधान जिला जज आमतौर पर प्रतिदिन कार से न्यायालय आते हैं, लेकिन बुधवार को उन्होंने साइकिल का इस्तेमाल कर लोगों को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया। इस पहल की चर्चा दिनभर शहर में होती रही।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश
बताया गया कि प्रधान जिला जज का उद्देश्य पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। उनका यह कदम सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी देता है। वहीं परिवार न्यायालय के न्यायाधीश अरुण कुमार भी साइकिल से न्यायालय पहुंचे। न्यायिक अधिकारियों की इस पहल को लोगों ने सराहा और इसे समाज के लिए सकारात्मक संदेश बताया।