रांची
झारखंड के वन, वन्यजीव (Wildlife), जैव विविधता (Biodiversity) एवं प्राकृतिक संसाधनों (Natural Resources) के संरक्षण (Conservation) से जुड़े अनुभवों को संकलित कर तैयार की गई डॉ. एटी मिश्रा, आईएफएस (Dr. A.T. Mishra, IFS) की पुस्तक ‘Voices from the Forest’ का अनावरण संजीव कुमार, आईएफएस (Sanjeev Kumar, IFS) ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पुस्तक वन एवं पर्यावरण संरक्षण (Forest and Environmental Conservation) के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव (Experience), ज्ञान (Knowledge) और कार्यों (Work) का महत्वपूर्ण संकलन (Compilation) है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. मिश्रा के अनुभवों और ज्ञान से समाज (Society) को भविष्य में भी निरंतर लाभ मिलता रहेगा। यह पुस्तक वन विभाग (Forest Department) के अधिकारियों (Officials), कर्मचारियों, शोधार्थियों तथा पर्यावरण (Environment) के प्रति रुचि रखने वाले लोगों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

पक्षी प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय
अन्य अतिथियों ने कहा कि डॉ एटी मिश्रा की किताब 'बर्ड्स ऑफ झारखंड पक्षी प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय और उपयोगी है। पुस्तक 'वॉयसेस फ्रॉम दी फॉरेस्ट' में झारखंड की समृद्ध वन संपदा, साल के घने जंगलों, बेतला राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्यों तथा राज्य की जैव विविधता का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही वन संरक्षण की चुनौतियों, खनन एवं पर्यावरण के बीच संतुलन, वन्यजीव संरक्षण तथा स्थानीय जनजातीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान को भी स्थान दिया गया है। लेखक ने वन विभाग में अपने कार्यकाल के दौरान प्राप्त अनुभवों, क्षेत्रीय चुनौतियों तथा उनके समाधान के प्रयासों को पुस्तक के माध्यम से साझा किया है। इसका उद्देश्य वन संरक्षण के क्षेत्र में प्राप्त अनुभवों और सीख को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

मौके पर ये लोग थे मौजूद
इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विश्वनाथ शाह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक रवि रंजन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक डी. वेंकटेश्वर लू, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एस.आर. नटेश, वन संरक्षक (प्रशासन) पी.आर. नायडू, उप वन संरक्षक विजय शंकर दुबे, वन प्रमंडल पदाधिकारी (प्रशासन) अजिंक्य बनकर, वन प्रमंडल पदाधिकारी, रांची, श्रीकांत वर्मा, वन प्रमंडल पदाधिकारी, वन्यप्राणी प्रमंडल रांची अवनीश चौधरी सहित वन विभाग केअधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
