द फॉलोअप डेस्क
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। हाथों में भगवा रंग की तख्तियां लिए विधायकों ने सरकार पर जल प्रबंधन में विफल रहने का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे विधायकों का कहना है कि राज्य की जनता पानी के लिए तरस रही है, जबकि सरकार की नल-जल योजना केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है।

विधायकों के पोस्टरों पर लिखे नारे-
"हेमंत सरकार पानी दो-पानी दो!"
"नल-जल योजना हुई फेल, जिम्मेदार को भेजो जेल।"
"नल में जल नहीं, जल में है घोटाला। पानी के नाम पर है, भ्रष्टाचार का बोलबाला।"

योजनाओं की विफलता पर घेरा
प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने आरोप लगाया कि "घर-घर में नल लगाने का वादा" किया गया था, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। विपक्षी दल ने दावा किया कि इस योजना में भारी वित्तीय अनियमितताएं और घोटाला हुआ है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विधायकों ने सदन के भीतर भी इस मुद्दे को उठाने और सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बनाई है।