द फॉलोअप डेस्क
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चाईबासा के बाल सुधार गृह से बड़ी संख्या में बाल कैदियों के फरार होने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक करार देते हुए कहा कि यह घटना राज्य सरकार की नाकामी को उजागर करती है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बाल सुधार गृह का मुख्य उद्देश्य भटके हुए किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना होता है, लेकिन चाईबासा की घटना यह दर्शाती है कि सरकार बाल सुधार गृह के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि जल्द से जल्द सभी फरार किशोरों को वापस लाकर उनके लिए उचित काउंसलिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए, अन्यथा ये किशोर समाज के लिए खतरा बन सकते हैं।
इसके साथ ही, बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि यह जांच का विषय है कि ये बच्चे क्यों भागे और किसकी लापरवाही के कारण यह घटना हुई। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की। इस घटना के बाद से चाईबासा बाल सुधार गृह में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, और राज्य सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह इस गंभीर मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई करे।