रांची:
भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने खनन कानून में संशोधन को लेकर प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के नए खनन कानून का बचाव करते हुए झामुमो, कांग्रेस और राजद पर निशाना साधा। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि संसद के दोनों सदनों से खान एवं खनिज कानून में संशोधन पारित हो चुका है, लेकिन झारखंड में सत्तारूढ़ दल और उनके सहयोगी इसका विरोध कर रहे हैं।

'देशभर में खनन व्यवस्था में एकरूपता लाना केंद्र का उद्देश्य'
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य देश के सभी राज्यों को आगे बढ़ाना और खनन व्यवस्था में एकरूपता लाना है। उन्होंने कहा कि संशोधन के माध्यम से खनिज क्षेत्र में स्पष्ट और समान व्यवस्था लागू करने की कोशिश की जा रही है, ताकि राज्यों में अलग-अलग तरीके से कर और शुल्क लगाने की व्यवस्था को नियंत्रित किया जा सके। उनका कहना था कि नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी राज्य सरकारों की ओर से अलग-अलग प्रकार के टैक्स और शुल्क लगाए जाते रहे हैं। केंद्र सरकार पूरे देश में खनिज क्षेत्र से जुड़े करों और शुल्क की व्यवस्था में एकरूपता लाना चाहती है। उनके अनुसार, इससे उद्योगों के लिए नियम स्पष्ट होंगे और उन्हें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग व्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा।
.jpeg)
'झारखंड के उद्योगों को दूसरे राज्यों से खनिज खरीदना पड़ रहा'
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि झारखंड में खनिजों पर अधिक टैक्स और शुल्क लगाए जाने की वजह से राज्य में स्थापित कई उद्योगों को दूसरे राज्यों से खनिज खरीदने की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, ऐसे में यहां उद्योगों को पर्याप्त सुविधा मिलनी चाहिए ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हों। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा है कि राज्य में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हों और युवाओं को रोजगार मिले। इससे झारखंड के नौजवानों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी।
.jpeg)
'विरोध का कारण अवैध खनन को बढ़ावा देना है'
अन्नपूर्णा देवी ने आरोप लगाया कि झामुमो, कांग्रेस और राजद की ओर से कानून का विरोध किए जाने के पीछे अवैध खनन और अवैध कारोबार से जुड़े हित हैं। उन्होंने कहा कि नए कानून से लालफीताशाही कम होगी और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ऐसी व्यवस्था बनाए रखना चाहते हैं, जिससे अवैध तरीके से काम करने वालों को फायदा मिलता रहे। हालांकि, ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं और झामुमो इस कानून का विरोध करते हुए इसे राज्यों के खनिज अधिकार और राजस्व से जोड़कर देख रहा है। झामुमो की ओर से कानून के खिलाफ राज्यभर में प्रदर्शन भी किए गए हैं।
.jpeg)
'केंद्र सरकार चाहती है उद्योग बढ़ें और रोजगार के अवसर बनें'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खनन कानून में संशोधन का उद्देश्य उद्योगों को बढ़ावा देना और खनिज क्षेत्र में निवेश को आसान बनाना है। उनके अनुसार, जब उद्योगों के लिए नियम स्पष्ट होंगे तो राज्य में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में खनिज क्षेत्र के लिए स्पष्ट और एक समान व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है। अन्नपूर्णा देवी ने दावा किया कि इस कानून से अवैध खनन पर रोक लगाने, लालफीताशाही कम करने और उद्योगों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
झामुमो ने कानून के खिलाफ किया है राज्यव्यापी विरोध
गौरतलब है कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड में राजनीतिक विवाद जारी है। झामुमो इस संशोधन का लगातार विरोध कर रहा है। पार्टी का कहना है कि इससे राज्यों के खनिज अधिकार और राजस्व प्रभावित हो सकते हैं। सितंबर में झामुमो ने राज्य के विभिन्न जिलों में कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन भी किया था।