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सावधान! LPG गैस अपडेट के नाम पर जामताड़ा के ठग भेज रहे APK फाइल, 8 मोबाइल के साथ गिरोह का पर्दाफाश

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जामताड़ा
साइबर अपराध की जननी कहे जाने वाले जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह का मुख्य सरगना अजय मंडल देवघर जेल में ढाई साल की सजा काटने के बाद बाहर आया था, लेकिन जेल की हवा भी उसे सुधार नहीं सकी। रिहा होते ही उसने फिर से अपना नेटवर्क खड़ा किया और साइबर ठगी शुरू कर दी।
​गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
​शुक्रवार को एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नारायणपुर थाना क्षेत्र के दखनिडीह बंद स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में कुछ अपराधी डेरा जमाए हुए हैं। बंद पड़े स्कूल की आड़ में ये अपराधी देश भर के लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। सूचना मिलते ही साइबर थाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने त्वरित छापेमारी कर तीन आरोपियों को दबोच लिया।


​गिरफ्तार अपराधी और बरामदगी
पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों अपराधी नारायणपुर थाना क्षेत्र के मिरगा गांव के निवासी हैं। अजय मंडल मुख्य आरोपी है, जो पूर्व में जेल जा चुका है। अजय के साथ राजेश मंडल और हीरालाल मंडल को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से विभिन्न कंपनियों के 8 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस संबंध में साइबर थाना जामताड़ा में कांड संख्या 26/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। 
ठगी का नया तरीका: LPG गैस का झांसा
​एसपी ने खुलासा किया कि ये अपराधी ठगी के लिए नए पैंतरे अपना रहे थे। ये देश भर के लोगों को व्हाट्सएप पर LPG गैस अपडेट करने के नाम पर एक APK फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई यूजर उस फाइल को डाउनलोड करता, अपराधियों को उसके फोन की सारी गोपनीय जानकारी मिल जाती थी। इसके बाद ये ई-वॉलेट के माध्यम से खातों से पैसे साफ कर देते थे। एसपी ने कहा कि वर्ष 2026 में अब तक जामताड़ा पुलिस ने कुल 60 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। हमारा अभियान निरंतर जारी है।

Tags - Jamtara cyber crime LPG APK scam WhatsApp fraud Jharkhand police cyber fraud arrest