जामताड़ा
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से सीमावर्ती इलाकों में तस्करी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए प्रतिदिन नए और हैरान कर देने वाले हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र का है। यहां पुलिस ने एक बेहद ही अनोखे तरीके से की जा रही शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। 
गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा को देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक अवैध रूप से शराब की एक बड़ी खेप लेकर बिहार जाने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और रेलपार हटिया के समीप सघन घेराबंदी की गई। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध ऑटो को रुकवाया।.jpeg)
जैकेट के भीतर छिपा था 'मैखाना'
जब पुलिस ने ऑटो में सवार तीन युवकों की शुरुआती तलाशी ली, तो कुछ भी असामान्य नहीं दिखा। लेकिन जब सघन जांच की गई, तो पुलिसकर्मी दंग रह गए। पांच युवकों ने अपने कपड़ों के नीचे विशेष रूप से सिली गई 'बॉडी जैकेट' पहन रखी थी। इस जैकेट में दर्जनों छोटे-छोटे पॉकेट बने हुए थे, जिनमें विदेशी शराब के टेट्रा पैक को इस तरह सजाया गया था कि बाहर से देखने पर किसी को शक न हो। पुलिस ने मौके से ऑफिसर चॉइस के टेट्रा पैक की 2 पेटियां, 2 पेटी बियर, तस्करी में प्रयुक्त ऑटो और 3 'स्पेशल बॉडी जैकेट' बरामद की हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पकड़े गए पांच आरोपी अंतर्राज्यीय तस्कर गिरोह के सदस्य बताए जा रहे हैं, जो मूल रूप से बिहार के लखीसराय जिले के रहने वाले हैं। इनकी पहचान गोबिंद कुमार, संजय मालाकार और 25 वर्षीय राहुल कुमार जबकि मिहिजाम के लाइन पार निवासी विक्की साव, मिथिलेश साव के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मिहिजाम और आसपास के इलाकों से शराब इकट्ठा कर उसे ट्रेन के माध्यम से बिहार के लखीसराय ले जाकर ऊंचे दामों पर बेचने की योजना बना रहे थे।
थाना प्रभारी का रुख
मामले की पुष्टि करते हुए थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने कहा, "तस्करों के खिलाफ हमारा अभियान निरंतर जारी है। इन लोगों ने पुलिस को चकमा देने के लिए विशेष जैकेट का सहारा लिया था, लेकिन सटीक सूचना के कारण वे सफल नहीं हो सके। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और हम उन स्थानीय सप्लायरों की भी तलाश कर रहे हैं, जो इन्हें माल उपलब्ध कराते थे।