द फॉलोअप डेस्क
चतरा जिले के हंटरगंज और जोरी थाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के गलत इलाज से हुई मौतों के बाद चतरा जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने इन फर्जी डॉक्टरों और अवैध क्लिनिकों के खिलाफ पूरे जिले में अभियान चलाने का फैसला किया है। इस अभियान की शुरुआत चतरा के एसडीओ जहूर आलम के नेतृत्व में की गई।
टीम ने सबसे पहले हंटरगंज और वशिष्ठ नगर में कई अवैध क्लिनिकों पर छापा मारा, जिनमें से कुछ को सील भी कर दिया गया है। छापेमारी की सूचना मिलते ही कई फर्जी डॉक्टर अपने क्लिनिक छोड़कर फरार हो गए। यह कार्रवाई उन दुखद घटनाओं के बाद की गई है, जिनमें झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से दो लोगों की जान चली गई थी। पहला मामला वशिष्ठ नगर, जोरी का था, जहां एक 4 वर्षीय बच्चे को तीन इंजेक्शन देने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। दूसरा मामला हंटरगंज का था, जहां एक महिला की डिलीवरी के लिए ऑपरेशन किया गया था, जिसके बाद उसकी भी मौत हो गई। प्रशासन ने चतरा के तप्पेज में एसबीआई बैंक के बगल में चल रहे एक अवैध क्लिनिक को भी सील कर दिया। इसके अलावा, हंटरगंज के नावाडीह में संचालित जीवन रेखा नर्सिंग क्लिनिक को भी बंद कर दिया गया है।
एसडीओ ने की सरकारी अस्पतालों में जाने की अपील
एसडीओ जहूर आलम ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे फर्जी डॉक्टरों के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि ऐसे डॉक्टर न केवल मरीजों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि उनकी जान के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। एसडीओ ने लोगों से कहा कि वे बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों जैसे सदर अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लें, जहां एमबीबीएस डॉक्टर इलाज करते हैं। इस कार्रवाई से उम्मीद है कि जिले में चल रहे अवैध क्लिनिकों पर लगाम लगेगी और निर्दोष लोगों की जान सुरक्षित रहेगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान पूरे जिले में जारी रहेगा।
