द फॉलोअप डेस्क, रांची:
Jharkhand News: झारखंड (Jharkhand) के 108 एंबुलेंस कर्मियों (108 Ambulance Service Worker of Jharkhand) को त्योहारी सीजन में भी मानदेय नहीं मिला है। उनका जुलाई महीने से मानदेय बकाया है। नए कर्मचारियों की बहाली, बकाया वेतन भुगतान और श्रमिक अधिकारों की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ (Jharkhand State Ambulance Employees' Union) ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी (Dr. Irfan Ansari) को बकायदा पत्र लिखा है। संघ ने सरकार से अपील की है कि उनकी मांगों पर विचार करके तत्काल उन्हें पूरा किया जाए।

सरकारी स्तर पर एंबुलेंस संचालन की मांग
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी का कहना है कि कंपनी की ओर से मननाने ढंग से वेतन की कटौती की जाती है। एंबुलेंस की समय पर मरम्मत नहीं की जाती, जिससे कर्मचारी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बीते 16 सितंबर को मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में करीब 20 दिनों के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिया गया था, बावजूद इसके कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि सरकार के आश्वासन पर संघ ने अपना अंदोलन 20 दिनों के लिए स्थगित किया था, लेकिन वादे के मुताबिक मांगें पूरी नहीं की गई।
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एंबुलेंस सेवा संघ की प्रमुख मांगें क्या हैं!
संघ की मांग है कि 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से किया जाए। जिन कर्मियों को हटाया गया है, उनकी दोबारा बहाली की जाए। सभी श्रमिक और वैधानिक अधिकार लागू किया जाए। संघ ने नईकंपनी के चयन के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया का विरोध करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पूर्व के निर्णयों और जुलाई 2025 में हुए समझौते को लागू करने की मांग की है।