रांची:
बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का असर अब झारखंड में साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार से शुरू हुई बारिश ने गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में जोर पकड़ा। रांची, गुमला, खूंटी, गिरिडीह और चतरा समेत कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को भारी बारिश के साथ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर का झारखंड पर असर
बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट को पार कर चुका है। इसके प्रभाव से झारखंड में मौसम का मिजाज बदला है। बुधवार से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को रांची, गुमला और खूंटी समेत कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा गिरिडीह में झमाझम बारिश हुई, जबकि चतरा में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही।
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25 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 25 सितंबर को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और देवघर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में गर्जन और वज्रपात के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना है।
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27 सितंबर तक वज्रपात और तेज हवा की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, 27 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कहीं-कहीं गर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। हालांकि, 25 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। इसके बावजूद 26 और 27 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वज्रपात को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।
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किसानों के लिए भी जरूरी सलाह
लगातार बारिश के बीच किसानों को खेतों में जलजमाव नहीं होने देने की सलाह दी गई है। खासकर ऊपरी जमीन पर लगी फसलों में पानी जमा होने से बचाने की जरूरत है। मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में काम करते समय वज्रपात और तेज हवा से भी सावधानी बरतनी चाहिए।