द फॉलोअप डेस्क, रांची:
सीएम हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की धर्मपत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन की सूचना से मर्माहत हूं। स्तब्ध हूं। उन्होने लिखा कि मरांग बुरु पुण्यात्मा को अपने निज धाम में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहने की शक्ति प्रदान करें। रघुवर दास ने लिखा कि रूपी चाची का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। उनका मुझे दिया गया पुत्रवत स्नेह सदैव मुझे उनकी याद दिलाता रहेगा। वो साक्षात ममता का स्वरूप थीं। प्रभु उनको मोक्ष प्रदान करें।
गौरतलब है कि लंबे समय से बीमार चल रहीं रूपी सोरेन ने बुधवार देर शाम को रांची के हिल व्यू अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले साल ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन हुआ था।
दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन जी की धर्मपत्नी और मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की पूज्य माता श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन की सूचना से मर्माहत हूं, स्तब्ध हूं। मरांग बुरु पुण्यात्मा को अपने निज धाम में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहने की शक्ति प्रदान करें। रूपी चाची का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। उनका मुझे दिया गया पुत्रवत स्नेह सदैव मुझे उनकी याद दिलाता रहेगा। वो साक्षात ममता का स्वरूप थीं। प्रभु उनको मोक्ष प्रदान करें। ॐ शांति। @HemantSorenJMM
— Raghubar Das (@dasraghubar) October 7, 2026
रघुवर दास ने सुनाईं दिलचस्प कहानियां
दिवंगत रूपी सोरेन को एक सरल, संघर्षशील और निश्छल महिला के रूप में याद करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने उनके साथ बिताए पलों की यादें साझा कीं। रघुवर दास ने बताया कि जब वह ओडिशा के राज्यपाल के पद से इस्तीफा देकर वापस झारखंड लौटे तो गुरुजी और रूपी सोरेन से मुलाकात करने उनके आवास गये थे। रघुवर दास ने बताया कि ओडिशा विधानसभा चुनाव में मयूरभंज में रहने वालीं गुरुजी की बेटी चुनाव हार गई थीं। बकौल रघुवर दास, रूपी सोरेन ने मजाकिया लहजे में उनसे कहा था कि तुमने मेरी बेटी को हरा दिया। रघुवर दास के मुताबिक उन्होंने कहा कि मैं तो राज्यपाल था। चुनाव तो पार्टी का मामला है।

रूपी सोरेन को मां का स्वरूप बताया
रघुवर दास ने कहा कि जब गुरुजी शिबू सोरेन के मुख्यमंत्रित्व काल में वह डिप्टी सीएम हुआ करते थे। रघुवर दास ने बताया कि गुरुजी अक्सर उन्हें ठंड के मौसम में अक्सर अपने आवास पर आमंत्रित किया करते थे, जहां वह रूपी सोरेन और शिबू सोरेन के साथ बैठकर आग तापा करते थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि रूपी सोरेन उनके लिए मां सरीखी थीं। उनसे काफी स्नेह रखती थीं।