गठिया जैसे रोग काे बढ़ावा यूरिक एसिड से ही मिलता है। जिसके घटने-बढ़ने से हमें काफी परेशानी होती है। इसके कारण जोड़ों में दर्द, किडनी स्टोन, बार-बार पेशाब आना, उठने-बैठने में परेशानी और उंगलियों में सूजन जैसी समस्या उत्पन्न होती है।
कहते हैं कि नाम में क्या रखा है। लेकिन रोशन तो नाम ही होता है। हमारे आसपास ढेरों लोग होते हैं, जिन्हें हम राजू, गोल्डी, गोलू, बब्ली, पप्पी, रिंकी आदि नामों से पुकारते हैं, लेकिन उनका असली नाम हमें खास मौके पर पता चलता है। फिल्म और राजनीति की दुनिया भी बहु
भागदौड़ की जिंदगी में चाय लोगों की सबसे अच्छी दोस्त बन जाती है। क्योंकि इसे बनाना भी आसान होता है और इसे पीने में ज्यादा समय भी नहीं लगता। लोग चाय को इसी कारण से बेहद पसंद करते हैं और समय-समय पर पीना भी पसंद करते हैं।
यूं तो हर फल ही सेहत के लिए लाभदायक होता है। लेकिन ड्राई फ्रुट में अखरोट की खासियत ही निराली है। इसके सेवन से न महज़ आपका स्वास्थ्य अच्छा रहता है, बल्कि आपके सौंदर्य में भी यह इज़ाफ़ा करता है।
कोराेना की दहशत से अभी दुनिया उबरी भी नहीं थी कि रोज नए-नए वैरिएंट दस्तक देने लगे। इन दिनों ओमीक्रॉन पैर पसार रहा है। मेडिकल साइंस और डॉक्टर्स के बकौल इनसे बचाव के लिए सबसे उत्तम उपाय है अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखना।
ऐसी सुरीली आवाज़ जो हमारे सिनेमा की ही नहीं, हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय अस्मिता की आवाज़ रही। एक ऐसी आवाज़ जिसमें मंदिर की घंटियों और मस्जिद की अज़ान सी पाकीज़गी। ऐसी आवाज़ जो सदियों में कभी एक बार ही गूंजती है।
परमेश्वर की तीन महान शक्तियां हैं-महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती।धन के लिए लक्ष्मी, शक्ति के लिए काली और विद्या के लिए सरस्वती की समाराधना की जाती है। सरस्वती का सरलार्थ है गतिमती। वाग्देवी या सरस्वती आध्यात्मिक दृष्टि से निष्क्रिय ब्रह्म को सक्रियता प
आज आम बजट की चर्चा हो रही है...कभी ऐसे ही रेल बजट की चर्चा होती थी। रेल मंत्रालय अलग से बजट पेश करता था। घर में, ऑफिस में और यहां तक कि चाय की टपरी पर भी लोग चर्चा करते कि कौन सी नई ट्रेन चलने वाली है। कई राज्य नए दामाद की तरह खुश हो जाते क्योंकि उनको नई
23 जनवरी 2022। दिन रविवार। चाईबासा का मुफस्सिल थाना परिसर पूरे 4 घंटे तक रणक्षेत्र बना रहा। एक तरफ तकरीबन साढ़े 300 की संख्या में ग्रामीण थे तो दूसरी तरफ पुलिसकर्मी। ग्रामीणों के हाथ में ईंट-पत्थर, लाठी, तलवार और तीर कमान था। ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियार
आज हमसब लोगों ने कर्पूरीजी को अतिपिछड़ा के चौखट पर टाँग दिया है। यह ठीक है कि सबकी तरह कर्पूरीजी की भी जाति थी। ऐसी जाति जो अतिपिछड़ों में भी पिछड़ी है। लेकिन कर्पूरीजी ने जो मुक़ाम हासिल किया है उसका आधार उनकी जाति में देखना उनको छोटा बनाना होगा। कर्पूरी
आज का दिन वह शुभ दिन है। जिस दिन भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस का जन्म हुआ था। देश भर में उनकी जयंती मनाई जा रही है। पीएम और राष्ट्रपति सहित कई मंत्रियों और नेताओं ने उनको याद किया। लेकिन आज हम आपको नेताजी से जुड़ी कुछ अलग और रोचक बात
25 सालों से नहीं सोया यह व्यक्ति, आँखों की पलक तक नहीं झपकता!