द फॉलोअप डेस्क
बिहार के भोजपुर, मोतिहारी और भागलपुर जिलों में बुधवार को NIA ने एक साथ बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई पाकिस्तान में छपे जाली नोटों के एक बड़े रैकेट से जुड़ी थी। मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ने बिहार के अलावा तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में भी दबिश दी।
पॉलिटेक्निक कॉलेज का छात्र है एक आरोपी
बताया जा रहा है कि NIA की टीम ने भोजपुर जिले के चौरी थाना क्षेत्र के छतरपुर गांव में नेहाल अंसारी के घर 4 घंटे तक छापा मारा। वहीं, दूसरी टीम ने सहार थाना क्षेत्र के कोरन डिहरी टोला गांव में मोहम्मद वारिश के घर तलाशी ली। दोनों आरोपी दोस्त थे। इनमें से एक आरोपी वारिश सीतामढ़ी के पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था।
गैंग के सरगना के घर पर रेड
इसके साथ ही मोतिहारी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के मुरली गांव में NIA ने 5 घंटे तक घर की गहन तलाशी ली। जांच में शंभू के पुत्र राजेश का नाम सामने आया, जो जाली नोटों की तस्करी से जुड़ा हुआ था। इसके बाद भागलपुर के बहरपुरा में NIA ने जाली नोट गैंग के सरगना नजर सद्दाम के घर भी छापेमारी की गई। वहां से NIA को 99 हजार रुपए नकद, 5 मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और डायरी बरामद हुई। कौन है मास्टरमाइंड
मिली जानकारी के अनुसार, भागलपुर का सद्दाम पाकिस्तान से जुड़े जाली नोटों के इस रैकेट का मास्टरमाइंड है, वह टीवी और फ्रिज का व्यापार करता था। उसने अपनी पूछताछ में पाकिस्तान से तार जुड़ने की बात कबूल की है। इस नेटवर्क के बारे में जानकारी 5 सितंबर 2024 को मिली थी, जब मिलिट्री इंटेलिजेंस ने मोतिहारी पुलिस को इनपुट दिया था। इसके बाद रक्सौल के हरैया ओपी से 1.95 लाख नेपाली जाली नोटों के साथ सद्दाम, वारिश और मो जाकिर को गिरफ्तार किया गया था।
नेपाल के रास्ते भारत आते थे नोट
वहीं, NIA की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जाली नोट नेपाल के रास्ते भारत में लाए जाते थे। इस जांच में मोतिहारी के शंभू सहनी के पुत्र राजेश का नाम भी सामने आया, जो पाकिस्तान में छपे नोटों को भारत लाकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था।