द फॉलोअप डेस्क:
बिहार (Bihar) के पूर्णिया (Purnia) में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली गई। इस कार्यक्रम में असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगाते रहेंगे, लेकिन भाजपा देश की जनता का दिल चुराती रहेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में शतकों की सेंचुरी बनाई थी, जबकि राहुल गांधी ने चुनाव हारने की सेंचुरी बनाई है।

SIR को लेकर चुनाव आयोग से की अपील
हिमंत बिस्वा सरमा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग से दोबारा यह प्रक्रिया कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से चुन-चुनकर बाबर और औरंगजेब के नाम हटाए जाने चाहिए। राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 500 साल बाद बाबरी मस्जिद के स्थान पर राम मंदिर बना है। भाजपा ने राम मंदिर बनाकर देश के मतदाताओं का दिल जीता है। उन्होंने सीमांचल, असम और बंगाल का जिक्र करते हुए भी मतदाता सूची से ऐसे नाम हटाने की बात कही। असम के मुख्यमंत्री ने ईवीएम को लेकर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी या उनके सहयोगी पप्पू यादव ईवीएम से चुनाव जीतते हैं, तब मशीन सही होती है, लेकिन हारने पर ईवीएम पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने केरल में जीत और असम-बिहार में हार का उदाहरण देते हुए विपक्ष की आलोचना की। साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और पप्पू यादव को इस्तीफा देना चाहिए।

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने किया पलटवार
हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। उनके मुद्दे कट्टरता, नफरत और दुश्मनी हैं। उन्हें देश को एकजुट और मजबूत बनाने की चिंता नहीं है। उनका एजेंडा संविधान को कमजोर करना है। सिद्दीकी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, लेकिन भाजपा के नेता लगातार धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बयान देते हैं। ऐसा करने वाले लोग संविधान के विपरीत काम कर रहे हैं। जनसभा के बाद भाजपा की ओर से पूर्णिया शहर में पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा रजनी चौक से शुरू होकर आरएनए साह चौक तक पहुंची। करीब एक किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी शामिल हुए।