वेतन बढ़ोत्तरी की मांग पर नोएडा में आज 5वें दिन भी मजदूरों ने उग्र प्रदर्शन किया। इस मामले में अब तक 7 FIR दर्ज हुई है और 300 से अधिक लोग गिरफ्तार किये गये हैं। कई स्थानों पर पुलिस पर पत्थरबाजी की खबरें भी मिली हैं।
नोएडा में फैक्ट्री मज़दूरों का प्रदर्शन अब हिंसक हो गया है। मिली खबरों में बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की और पत्थर फेंके, जबकि पुलिस हालात को काबू में करने की कोशिश कर रही है।
पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थिति के बीच बिहार सरकार ने मिडिल ईस्ट समेत अन्य देशों में फंसे मजदरों की सहायता के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि संकट में फंसे लोग तुरंत मदद प्राप्त
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश पर, तेलंगाना के निर्माणाधीन टनल में फंसे झारखंड के श्रमिकों के परिजनों को लेकर गुमला जिला प्रशासन के अधिकारी तेलंगाना रवाना हो गए। इस टीम में चार परिवारों के एक-एक सदस्य, पुलिस अधिकारी और गुमला जिला प्रशासन का एक कर्मी बिरस
झारखंड के 70 प्रवासी मजदूर मलेशिया में फंसे हैं। ये मजदूर हजारीबाग, गिरिडीह,बोकारो और धनबाद जिले के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि पिछले चार माह से मजदूरों को कंपनी ने मजदूरी भी नहीं दिया है
गिरिडीह जिला निवासी एक श्रमिक की मौत पुणे में हो गयी है। श्रमिक गावां प्रखंड की बादीडीह पंचायत के नावाडीह का रहने वाला था।
छात्रों का कहना है कि कॉलेज का भवन पुराना औऱ जर्जर हो चुका है। इसकी छत कभी टूटकर गिर सकती है।
उत्तराखंड के सिलक्यारा टनल से निकाले गये झारखंड के मजदूरों को एक दिसंबर को एयर लिफ्ट कर रांची लाया जायेगा। इसका आदेश सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को दिया है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल में 13 दिन से फंसे 41 मजदूरों के रेस्क्यू का काम अभी जारी है। गुरुवार 23 नवंबर को मजदूरों तक पहुंचने के लिए बाकी 18 मीटर की खुदाई शुरू की गई थी, लेकिन 1.8 मीटर की ड्रिलिंग के बाद मलबे में सरिया आने से
उत्तराखंड के उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूरों को लेकर एक गुड न्यूज आ रही है। मिली खबर के मुताबिक टनल के 67 फिसदी हिस्से में ड्रिलिंग का काम पूरा हो चुका है।
उत्तरकाशी, उत्तराखंड की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे झारखंड के सभी 15 मजदूर सुरक्षित हैं। रेस्क्यू दल ने उनसे पाइप के माध्यम से बात की है।
हजारीबाग(Hazaribagh) के विष्णुगढ़ स्थित चानो गांव निवासी चेतलाल महतो को ना घर वापस लौटने की उम्मीद थी और ना ही कंपनी द्वारा उनके पारिश्रमिक के भुगतान का भरोसा। इस बीच उसके साथियों ने अपनी वापसी के सभी प्रयास करने के उपरांत राज्य सरकार से मलेशिया से घर वाप