पोटका प्रखंड कार्यालय परिसर में सैकड़ों व्हीलचेयर धूल फांक रही हैं, जिनमें से कई अब कबाड़ बनने की कगार पर हैं। ये दृश्य प्रशासनिक संवेदनहीनता और योजनाओं के लचर क्रियान्वयन का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। टैक्सपेयर्स की गाढ़ी कमाई से खरीदी गयी ये व्हीलचेयर