द फॉलोअप डेस्क
पोटका प्रखंड कार्यालय परिसर में सैकड़ों व्हीलचेयर धूल फांक रही हैं, जिनमें से कई अब कबाड़ बनने की कगार पर हैं। ये दृश्य प्रशासनिक संवेदनहीनता और योजनाओं के लचर क्रियान्वयन का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। टैक्सपेयर्स की गाढ़ी कमाई से खरीदी गयी ये व्हीलचेयर उन दिव्यांगजनों तक नहीं पहुंच पाई हैं, जो वर्षों से इसके लिए जिला प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
इस लापरवाही पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से तीखा हमला बोला है। उन्होंने लिखा, "पोटका प्रखंड कार्यालय की कार्य संस्कृति सवालों के घेरे में है। सैकड़ों व्हीलचेयर वितरण की बजाय धूल फांक रही हैं। यह लापरवाही नहीं, जनसेवा के नाम पर मजाक है। इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।"
पोटका प्रखंड कार्यालय परिसर में सैकड़ों व्हीलचेयर धूल फाँक रही हैं, कई तो कबाड़ बनने की कगार पर हैं। आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि टैक्सपेयर्स की गाढ़ी कमाई इस तरह बर्बाद हो रही है? श्रेयस्कर होता कि इसका समय रहते दिव्यांगजनों के बीच वितरण हो जाता। इस घोर लापरवाही की जांच होनी चाहिए… pic.twitter.com/TLkFpK4Hi6
— Dinesh Kumar (@dineshjsrbjp) June 26, 2025
दिनेश कुमार ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री और पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से इस मामले में जवाब मांगते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। भाजपा नेता ने कहा कि दिव्यांगजनों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में यह स्थिति चिंताजनक है। मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
