जल संरक्षण, आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाना सतत कृषि की आधारशिला है। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को जलवायु अनुकूल बनाने के लिए जल एवं मृदा संरक्षण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।