रामगढ़ जिले के घाटोटांड़ निवासी नौ वर्षीय मिशा थैलेसीमिया से जूझते हुए जिंदगी की जंग हार गई, लेकिन जाते-जाते वह किसी की दुनिया रोशन करने की वजह बन गई। बेटी की मौत के बाद मां सविता देवी ने उसका नेत्रदान करने का फैसला लिया।