दिल्ली से रांची जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-9695 में तकनीकी खराबी आने के कारण टेक ऑफ के तुरंत बाद विमान को वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर लौटना पड़ा। यह फ्लाइट दोपहर 4:25 बजे दिल्ली से रवाना हुई थी और शाम 6:20 बजे रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर लैंड करने
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट (AXB1113) को बीच रास्ते से वापस दिल्ली के लिए डायवर्ट कर दिया गया। वहीं, इंडिगो की फ्लाइट (IGO7361), जो भुवनेश्वर के बीजू पटनायक इंटरनेश
13 जून को स्पाइसजेट का स्टॉक 1.95% की गिरावट के साथ ₹43.81 पर बंद हुआ। ट्रेडिंग के दौरान यह ₹42.16 तक गिरा, जबकि दिन का उच्च स्तर ₹44.44 रहा।
ठाकोर ने रायटर को बताया कि हादसे के समय उन्हें तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसे उन्होंने शुरू में गैस सिलेंडर फटने का भ्रम समझा। लेकिन जल्दी ही उन्हें अहसास हुआ कि जिस इमारत से वे कुछ ही मिनट पहले निकले थे
वनतारा से चक्रधरपुर तक हाथी को लाने में छह दिन लगे। विशेष वाहनों और देखरेख के साथ यह सफर तय किया गया।
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम टेंडर घोटालें और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जेल में बंद हैं। आज शुक्रवार 13 जून को उनकी जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, कैप्टन सभरवाल के पास 8,200 घंटे की उड़ान का अनुभव था। हालांकि, एक वरिष्ठ सहकर्मी का कहना है कि उनका असली अनुभव इससे कहीं अधिक था।
बताया जा रहा है कि यह DVR उस मलबे के बीच से मिला है, जहां गुरुवार को लंदन जा रही एयर इंडिया की उड़ान AI-171, टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद बेकाबू होकर एक रिहायशी इलाके में जा गिरी थी।
12 नवंबर 1996 की शाम थी। हरियाणा के चरखी दादरी में आसमान में एक ऐसा मंजर दिखा, जिसने देश ही नहीं, पूरी दुनिया को हिला दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार 6 जून को तिरंगा झंडा दिखा कर चिनाब रेलवे ब्रिज का उद्घाटन किया। उद्घाटन के पहले उन्होंने सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज का मुआयना किया। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी के ऊपर यह ब्रिज बनाया गया है। इसके बाद अंजी ब्रि
सेना की भूमि के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई खरीद-बिक्री से जुड़े बहुचर्चित भूमि घोटाले में आरोपी कारोबारी अमित अग्रवाल ने अब सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है।
आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम के माध्यम से पशुपालन विभाग ने आवारा कुत्तों की जनसंख्या को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए राज्य के हर