डिब्रूगढ़/रांची
असम विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने नहरकटिया और तिनखोंग विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस राज्य के मुख्यमंत्री के पास हजारों बीघा बेनामी जमीन होने की चर्चा है, उसी राज्य में आदिवासी परिवारों को एक बीघा जमीन का पट्टा भी नहीं मिल पा रहा है।

आदिवासियों के हक़ और पहचान का मुद्दा
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों को सौंपने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उनके जल, जंगल और जमीन से जुड़ी है और जब तक यह सुरक्षित नहीं होगा, तब तक उनकी अस्मिता भी सुरक्षित नहीं रह सकती। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर आदिवासियों को जमीन का अधिकार, पट्टा और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
रोजगार, शिक्षा और श्रमिकों के हक़ की मांग
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और भ्रष्टाचार से मुक्ति की उम्मीद कर रही है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगार चाहिए। साथ ही चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों को उनका अधिकार, सम्मान और न्याय मिलना जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनाव में जनता जनविरोधी नीतियों का जवाब देगी और जनहित की सरकार का समर्थन करेगी।
