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Covid Effect: अब आंतों के अंदर blood clots , क्या है होता है इंटेस्टिनल अटैक?

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द फॉलोअप टीम, डेस्क :
एक ओर जहाँ देश में कोरोना संक्रंमण(corona infection) थमने लगा है वहीँ, इससे जुड़ीं कई बीमारियां सामने आ रहीं हैं जो जान लेवा हैं। यह बीमारियां ज्यादातर कोरोना से ठीक हुए मरीजों यानी पोस्ट कोविड पेशेंट में देखी जा रही हैं। ब्लैक फंगस(black fungus) के बाद अब और कोविड(covid) में खून के थक्के जमने का काफ़ी ख़तरा रहता है जिसके कारण उन्हें स्ट्रोक और हार्ट अटैक(heart attack) आया। अब इस साल दिल और ब्रेन के अलावा आंतों में भी खून के थक्के जमने की ख़बरें आ रही हैं जिसे हम इंटेस्टिनल अटैक(intestinal attack) कहते हैं। NDTV के मुताबिक, ऐसा 16 से 30 प्रतिशत लोगों में देखा जा रहा है। इन लोगों में सांस लेने की इतनी शिकायत नहीं होती जितनी पेट से जुड़ी समस्याएं होती हैं। 

चलिए जानते है क्या है यह इंटेस्टिनल अटैक और शरीर के लिए क्यों है यह घातक 

इंटेस्टिनल अटैक  शरीर पर क्या पड़ता है असर 
एक मरीज में देखा गया कि आंतों के अंदर खून के थक्के, आंतों को खून पहुंचाने वाली नसों को ब्लॉक कर रहे थे। खून आगे जा नहीं पा रहा था जिसके कारण आंतों को पोषण मिलना कम हो गया। जब आंतों को पोषण मिलना बंद हो गया तो ये मरना शुरू हो गए। यानी गैंग्रीन होने लगा। इसके साथ ही आंतों को मेसेंटेरिक कहते हैं। इसे कहते हैं एक्यूट मेसेंटेरिक इस्किमिया(acute mesenteric ischemia) और ये पहले भी देखा गया है। ब्लड सप्लाई(blood supply) रुकने से आंत का वो हिस्सा ख़त्मी हो गया। वो खाने को आगे जाने नहीं देगा और ब्लॉक कर देगा।  



कोविड में शरीर के अंदर खून के थक्के क्यों जमने लगते हैं?
मामले के संबंध में डॉ दीपक ने बताया कि कोरोना एक ऐसा वायरस(virus) है जिसकी आदत है बीमारी के दौरान खून के थक्के जमाने की। कोरोना वायरस अंगों में बहुत ज़्यादा सूजन पैदा करता है। जिससे संक्रमण के कारण खून की वेसेल्स में चोट आ जाती है। इन्हीं चोटों के कारण वहां खून के छोटे-छोटे थक्के जमना शुरू हो जाते हैं ,उसको ठीक करने के लिए। हालंकि हमारे बदन में खून बहता रहते जिस वजह से ये थक्के अपनी जगह से बहकर दूसरी जगह जाकर जमने लगते हैं। और यही करम है की कोविड के बाद लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक(stroke) का ख़तरा बढ़ जाता है। 

छोटी-छोटी नलियों में फंस जाते हैं
डॉक्टर ने बताया कोई यह  कोई नई केस नहीं है ऐसा पहले भी देखा गया था। शरीर में ऐसा इसिलए होता क्यूंकि खून के थक्के छोटी-छोटी नलियों में फंस जाते हैं। वहीँ, नसों में फंस जाने के कारण जिस अंग पर असर पड़ता है उसमें दिक्कत आनी शुरू हो जाती है। क्योंकि सबसे ज़्यादा ब्लड सप्लाई ब्रेन में चाहिए होती है, इसलिए थक्के ब्रेन में जाकर जम जाते थे। हार्ट में जम जाते थे। इस वायरस के कारण अलग-अलग शरीर के हिस्सों में अब खून के थक्के जम रहे हैं। पहले भी आंत ब्लॉक हो जाती थीं। पेट फूल जाता था और दूसरी परेशानियां शुरू हो जाती थीं।