द फॉलोअप डेस्क, रांची
झारखंड में 108 एम्बुलेंस की सेवा ठप है. लगातार दूसरे दिन राज्य भर के 337 एम्बुलेंस के 674 कर्मी हड़ताल पर हैं जिससे गंभीर बीमारी वाले मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल सरकार द्वारा 108 एम्बुलेंस की निःशुल्क सुविधा दी जाती है. लेकिन उन्हीं एम्बुलेंस चालकों को महीनों से वेतन नहीं दिए जाने से वे आक्रोशित हैं. उनका कहना है कि हम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर चौबीसों घंटे जनता की सेवा के लिए हाजिर रहते हैं। बदले में हमें क्या मिलता है। कोरोना काल में भी हम डटे रहे,उस हाल में भी हमने अपने परिवार का फिक्र किए बगैर लोगों की सेवा की और आज हम भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। हमारी समस्या को हल करने वाला कोई नहीं है. ऐसे में अब जब तक हमारे बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है तब तक हम लोग हड़ताल पर रहेंगे।

रिम्स और सदर अस्पताल का है बुरा हाल
बता दें राजधानी में सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स में आये दिन गंभीर बीमारी वाले मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है. 108 एम्बुलेंस के ठप होने से गरीब तबके के मरीजों को इसका सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. यही हाल रांची के मेन रोड स्थित सदर अस्पताल का भी है. सरकारी एम्बुलेंस के ठप होने का फायदा निजी एम्बुलेंस संचालकों को हो रहा है. वे मनमाना रकम वसूल रहे हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा तो गंभीर बीमारी वाले मध्यम और निम्नवर्गीय लोगों की जान जाती रहेगी.

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