logo

दिल्ली: पासवा का 3 दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू, निजी स्कूलों की हालत पर हुई गंभीर चर्चा

12091news.jpg

द फॉलोअप टीम, दिल्ली: 

प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन महासभा के नई दिल्ली के प्राइड होटल में तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन दीप प्रज्वलित कर विधिवत रूप से बिहार सरकार में उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव शकील अहमद खान,भजन सम्राट अनूप जलोटा,पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद, झारखंड पासवा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने संयुक्त रूप से किया।

प्राइवेट स्कूलों की समस्या पर ध्यान जरूरी
बिहार सरकार के उद्योग मंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जहां स्कूल शब्द जुड़ा होता है वहां से मैं जुड़ जाता हूं क्योंकि मैं शिक्षक पुत्र हूं और शिक्षिका का पति हूं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में अगर ऑनलाइन क्लास नहीं होते तो और दुश्वारियां होती। शाहनवाज हुसैन ने कहा प्राइवेट स्कूल की समस्याओं को एवं आपकी बातों को मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान तक पहुंचा दूंगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों की दिक्कतें कोरोना में बढ़ी है। आम जन भी परेशान हैं। होटल इंडस्ट्रीज भी बन्द हुए। स्कूलों कालेजों में ऑन सेल के बोर्ड लग गये हैं। सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

जब तक दुनिया रहेगी तालीम जरूरी रहेगा
मुख्य अतिथि एआईसीसी सचिव शकील अहमद खान ने कहा  महामारी में देश के प्राइवेट स्कूलों के हालात रहे वह काफी दुखद रहा है, जब से दुनिया बनी है और जब तक दुनिया रहेगी तालीम की उपयोगिता से कोई इनकार नहीं कर सकता है। आज जो दुनिया है, आने वाले दिनों में वैज्ञानिक प्रयोगों से कुछ और भी चीजें सामने आ सकती हैं। तालीम की रोशनी चारों तरफ फैले इसके प्रयास में प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रयास काफी महत्वपूर्ण है।  कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक यहां बैठे हुए निजी विद्यालय के संचालकों को मैं बहुत शुभकामनाएं देता हूं जो बच्चों को तालीम देने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। इस मौके पर अधिवेशन के दूसरे दिन का संचालन पासवा के राष्ट्रीय सलाहकार एवं उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष फरजाना शकील अली ने किया।

महामारी की वजह से कई स्कूल बंद हो गए
प्राइवेट स्कूल की समस्याओं के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने कहा महामारी में कई स्कूल बंद हो गये। शिक्षकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। शिक्षकों को अपना गहना भी बेचना पड़ा। पेट भरने के लिए सब्जी बेचना पड़ा। मजदूरी करनी पड़ी। केन्द्र सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में शिक्षा जगत के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया वहीं दूसरी तरफ 17 महीने स्कूल बस नहीं चले फिर भी टैक्स लिये गये। बिजली नहीं जले फिर भी बिल लिया गया जो काफी दुखद रहा।

निजी स्कूलों ने बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दी
झारखंड पासवा अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कोरोना महामारी में जब सारे सरकारी स्कूल बन्द रहे प्राइवेट स्कूल ने ऑन क्लास लेकर बच्चों को पढ़ाने का काम किया लेकिन पूरा देश और समाज प्राइवेट स्कूल के खिलाफ रहे और उनको परेशान भी किया। आलोक दूबे ने समाज से अपील किया कि प्राइवेट स्कूलों के योगदान और परिश्रम की सराहना करें ना कि उन्हें हतोत्साहित किया।