द फॉलोअप टीम
रांची-झारखंड के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री के एन त्रिपाठी इंटक यानी इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं। दिल्ली में कार्यसमिति की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी है। इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिलहाल ददई दुबे हैं, जबकि बेरमो विधायक राजेन्द्र सिंह इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री रह चुके हैं। ये पहला मौका है, जब पलामू के दो बड़े नेता इंटक के अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष चुने गए हैं। अध्यक्ष का चुनाव हर 3 साल के बाद अधिवेशन में होता है। पिछला अधिवेशन साल 2019 के अगस्त महीने में हुआ था। केएन त्रिपाठी राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।
के एन त्रिपाठी ने गिनाई प्राथमिकता
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का जिम्मा मिलने के बाद द फॉलोअप टीम से बात करते हुए के एन त्रिपाठी ने कहा कि केन्द्र सरकार मजदूरों के बारे में नहीं सोच पा रही है, नतीजा ये हो रहा है कि मजदूरों का हक मारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों के इशारे पर श्रम कानून और फैक्ट्री एक्ट में बदलाव हो रहा है। के एन त्रिपाठी ने कोरोना काल में मजदूरों के लिए किसी तरह की योजना नहीं बनाए जाने को लेकर केन्द्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मजदूरों की हालत देश में दिनों ब दिन बिगड़ती जा रही है। उन्होंने प्राथमिकता गिनाते हुए कहा कि वो मजदूरों की स्थिति सुधारने के लिए कार्य करेंगे।
2009 में पहली बार बने थे विधायक
सियासत में आने से पहले केएन त्रिपाठी एयरफोर्स में थे। सियासत में दिलचस्पी के चलते उन्होंने सेना की नौकरी छोड़ दी। साल 2005 में डालटनगंज की सीट पर कांग्रेस के टिकट पर पहली बार राजनीति में एंट्री ली। लेकिन इंदर सिंह नामधारी के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2009 में फिर डालटनगंज सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे और जीते। विधायक बनने के बाद उन्हें राज्य सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री बनने का मौका मिला। 2014 के विधानसभा चुनाव में केएन त्रिपाठी को हार मिली। जेवीएम प्रत्याशी आलोक चौरसिया से वो 5000 मतों से हार गए।
किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं के एन त्रिपाठी
डालटनगंज के रेडमा काशी नगर मोहल्ले के रहने वाले केएन त्रिपाठी एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। त्रिपाठी जी का जन्म 3 अप्रैल 1972 को उनके ननिहाल बिश्रामपुर के तोलरा गांव में हुआ था। डालटनगंज के दसमेश मॉडल स्कूल से उनकी प्रारंभिक पढ़ाई हुई। जिला स्कूल से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। वहीं जीएलए कॉलेज से इंटर और स्नातक किया। इसके बाद केएन त्रिपाठी वायु सेना में बहाल हो गए। इसी के साथ वो सेना की नौकरी छोड़ कर सियासत में आ गये। 2 अक्टूबर 2000 को गांधी जयंती के अवसर पर कृष्णानंद त्रिपाठी एक सभा में शामिल हुए और इसी सभा से उन्होंने सियासत की ओर कदम बढ़ा दिया।