द फॉलोअप टीम, रांची:
झारखंड के पासवा प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दुब ने सरकार से मांग की है कि अब नर्सरी से ऊपर तक बच्चों के लिए स्कूल खोल देना चाहिए। आलोक कुमार दुबे ने कहा कि चूंकि अब कोरोना संक्रमण का प्रभाव तकरीबन समाप्त हो चुका है, इसलिए स्कूल खोलना चाहिए। पासवा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने पठन-पाठन को लेकर हमेशा गंभीरता दिखाई है।
पठन-पाठन को लेकर गंभीर रही है सरकार!
गौरतलब है कि हेमंत सरकार ने सबसे पहले कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक की ऑफलाइन क्लास संचालित करने का फैसला किया। हालात में थोड़ा सुधार हुआ तो कक्षा 6वीं से लेकर 8वीं तक के लिए ऑफलाइन क्लास को मंजूरी दी। लेकिन प्राइमरी कक्षाओं की हालत खराब है। बीते 18 महीने से पठन-पाठन करीब ठप्प हो चुका है। ऑनलाइन क्लास में कई सारी दिक्कतें हैं जिसकी वजह से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में कठिनाई का सामना करना पड़ा है। आलोक कुमार दुबे ने कहा कि चूंकि कोरोना का प्रभाव अब तकरीबन समाप्त हो गया है। वक्त है कि नर्सरी से ऊपर तक की कक्षाएं भी खोल दी जायें। निश्चित गाइडलाइन के तहत अनुमति दी जाये।

पूर्ववर्ती सरकार के नियम को रद्द करने की मांग
आलोक कुमार दुबे ने पूर्ववर्ती रघुवर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 2019 के संवैधानिक संसोधन द्वारा निजी विद्यालयों में मान्यता के लिए भूमि की बाध्यता, कमरे का साइज, खेल के मैदान का साइज, फायर क्लियरेंस जैसी कठिन शर्तों को इसलिए जोड़ा गया ताकि प्रदेश के गरीब, दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी और अति पिछड़ा वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ ना मिल सके। उन्होंने कहा कि ये नियम केवल झारखंड में निजी विद्यालयो के लिए है। अन्य किसी भी राज्य में ऐसा कानून नहीं है। इसमें बदलाव करना चाहिए।