द फॉलोअप टीम, रांचीः
झारखंड में गांजा तस्करी थमने का नाम नही ले रही है। ओडिशा से पश्चिम बंगाल और झारखंड के रास्ते बिहार में गांजा की तस्करी की जा रही है। गांजा तस्कर तस्करी के लिए झारखंड के माफियाओं का सहारा ले रहे हैं, जो बिहार के नेटवर्क से संपर्क कर बिहार के विभिन्न जिलों में गांजा भेज रहे हैं। तस्करी के लिए बंगाल से आने वाले आलू और प्याज लदे ट्रकों का सहारा लिया जा रहा है। ट्रकों पर लदे सामानों के नीचे छुपाकर गांजा बिहार भेजा जाता है।

बसों से भी हो रही तस्करी
तस्कर कई बार बसों का भी सहारा ले रहे हैं और पश्चिम बंगाल अथवा झारखंड की ओर से आने वाले बसों से गांजा बिहार भेजा जा रहा है। गांजे की खपत सबसे ज्यादा उत्तरी बिहार में हो रही है। वहां के लोग आज भी गांजा और भांग का उपयोग पारंपरिक नशे के रूप में कर रहे है। गांजे की अधिकतर खेप झारखंड के कई शहरों से होते हुए बिहार, यूपी के शहरों और ओड़िशा में भी पहुंचायी जा रही है।
ओडिशा बना गांजा का हब
हाल के दिनों में जो गांजा की जो खेप पकड़ी गयी है, उनमें से ज्यादातर गांजा ओडि़शा से ही लाया गया था। गौरतलब है कि झारखंड बिहार और यूपी में गांजा की सप्लाई लगातार नेपाल के अलावा उत्तर-पूर्व के राज्यों से होती थी। आजकल गांजे की सबसे बड़ा हब ओडिशा बना हुआ है। पुलिस के मुताबिक, ओडिशा के नक्सल प्रभावित कोरापुट, मलकानगिरी, रायगढ़ और जॉयपुर से गांजा झारखंड के रास्ते बिहार और यूपी पहुंचाया जा रहा है।