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जिस काम को निगम कर चुकी है, उसके लिए दोबारा टेंडर कर पैसे बर्बाद कर रही है सरकार : आशा लकड़ा

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द फॉलोअप टीम, रांची : 
मेयर आशा लकड़ा ने सरकार पर नगर निकायों के मूल कार्य में हस्तक्षेप कर उन्हें पंगु बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 22 अक्टूबर को जुडको द्वारा नगर निकायों में ई-गवर्नेंस व जीआइएस मैपिंग के लिए नई एजेंसी के चयन के लिए टेंडर निकल गया है। जबकि टेंडर में वर्णित अधिकांश कार्य रांची नगर निगम में पहले ही हो चुके हैं। मेयर ने कहा कि हेमंत सरकार नगर निकायों को उनके हक एवं अधिकार से वंचित करने की साजिश कर रही है। राज्य सरकार को झारखंड नगरपालिका अधिनियम के तहत निकायों की आवश्यकताएं पूछनी चाहिए, न कि आम जनता के पैसों का बंदरबांट करने की तैयारी करनी चाहिए। 
मेयर ने फंड की मांग का मुद्दा फिर से उठाया और कहा कि आम जनता की आवश्यकताओं को लेकर नगर विकास विभाग से वे लगातार फंड की मांग कर रही हैं। राज्य सरकार को रांची नगर निगम की आवश्यकताओं को देखते हुए तक़तकल प्रभाव से आवश्यक्तानुसार फंड आवंटित करने की दिशा में उचित पहल करनी चाहिए। 

पहले से ही ऑनलाइन है कई प्रक्रियाएं 
मेयर ने कहा कि रांची नगर निगम में सेल्फ असेसमेंट, होल्डिंग टैक्स, म्युनिसिपल टैक्स, वाटर कनेक्शन, वाटर यूजर चार्ज की प्रक्रिया पूर्व से ही ऑनलाइन है। रांची नगर निगम में नक्शा शाखा, बाजार शाखा व अभियंत्रण शाखा से संबंधित सेवाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध है। रांची नगर निगम को ई-म्युनिसिपल करने की दिशा में भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं। रांची नगर निगम की सेवाओं को पब्लिक फ्रेंडली बनाने की दिशा में काफी पैसे खर्च किए जा चुके हैं। अब नए सिरे से इन कार्यों के लिए किसी एजेंसी का चयन करना आम जनता के पैसों की बर्बादी है। मेयर आशा लकड़ा ने यह भी कहा कि किसी भी प्लान या पालिसी को शुरू करने से पहले संबंधित विषय-वस्तु पर स्टेकहोल्डर्स की बैठक कराई जानी चाहिए