द फाॅलोअप टीम, पटना
बिहार होमगार्ड में चालक पद पर बहाली को लेकर फर्जीवाड़ा करने वाले 15 अभ्यर्थियों को गर्दनीबाग थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों ने पुलिस के सामने गुनाह कबूल करते हुए परीक्षा पास करने के लिए गैर कानूनी तरीका अपनाने की बात कही है।
लिखित परीक्षा सॉल्वर गैंग के माध्यम से परीक्षा पास की
पुलिस को आशंका है कि दक्षता परीक्षा से पहले हुई लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों ने सॉल्वर गैंग के माध्यम से परीक्षा पास की है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) व पुलिस की संयुक्त टीम इस जांच में लगी है।
दूसरे को बैठाकर परीक्षा दिलाने की आशंका
आरोपियों के पास से फर्जी प्रवेश पत्र और फर्जी आइडी कार्ड भी बरामद किये गये हैं। पुलिस को आशंका है कि दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी किसी सॉल्वर गिरोह को मोटी रकम देकर खुद की जगह किसी दूसरे को बैठाकर उन्हें लिखित परीक्षा पास कराएं हैं। फिलहाल पुलिस गैंग के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस मामले की खास बात यह है कि शुरुआती समय में जेल भेजे गये आरोपियों ने अपना नाम व पता पुलिस को गलत बताए थे।
जानिए पूरा मामला
केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) बिहार होमगार्ड में चालक की लिखित भर्ती परीक्षा में पास अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए शुक्रवार को गर्दनीबाग इंटर कॉलेज में बुलाया था। पर्षद ने 29 मई को 98 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। दक्षता परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों की शारीरिक मानक परीक्षण के दौरान उनका बायोमीट्रिक और फोटो सत्यापित किया गया तो 15 छात्रों का फोटो अलग पाया गया। जिसके बाद फर्जीवाड़ा मामले का खुलासा हुआ और अभिषेक कुमार, नितेश, सतपाल, सुरजीत कुमार, टिंकू कुमार, रंधीर कुमार, राज कुमार राज, शैलेंद्र पासवान समेत 15 को गिरफ्तार किया गया था।