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दहेज कुप्रथा की भेंट चढ़ गई बिहार पुलिस की महिला सिपाही, मां ने मांगा न्याय

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द फॉलोअप टीम, भागलपुर: 

क्या होगा यदि जिसपर सुरक्षा का जिम्मा हो और वही निशाना बन जाये। बिहार में कुछ ऐसा ही हुआ है। जानकारी मिली है कि एक महिला सिपाही की दहेज लोभी ससुराल वालों ने ह'त्या कर दी। मामला बिहार के खगड़िया जिला स्थित मड़ैया ओपी अंतर्गत अररिया गांव का है। मृ'तक की पहचान प्रतिक्षा कुमारी के रूप में की गई है। प्रतिक्षा पुलिस में बतौर सिपाही कार्यरत थी। उसकी संदेहास्पद परिस्थिति में मौ'त हो गयी थी। जांच जारी है। 

भागलपुर की रहने वाली थी प्रतिक्षा
मृतका महिला सिपाही प्रतिक्षा कुमारी भागलपुर जिला स्थित अकबरनगर श्रीरामपुर की रहने वाली थी। प्रतिक्षा की मां रेणु देवी ने आरोप लगाया है कि दहेज के लिए ससुराल वालों ने ही उनकी बेटी को मा'र डाला। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के गले में फां'सी का फं'दा डालकर ससुराल वालों ने मा'र डाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है कि छानबीन में जुट गयी है। इधऱ मामले को लेकर प्रतिक्षा के मायका पक्ष में काफी आक्रोश है। 

भारत में कुप्रथा का रूप ले चुका है दहेज
गौरतलब है कि हिंदुस्तान में दहेज एक बड़ी कुप्रथा का रूप ले चुका है। प्रत्येक साल हजारों लड़कियां दहेज के लिए मार दी जाती हैं। माता-पिता लड़कियों की शादी के लिए पूरी जमा-पूंजी लुटाते हैं। हैसियत के मुताबिक दहेज देते हैं लेकिन वर पक्ष सौदेबाजी से बाज नहीं आता। उनकी डिमांड बढ़ती ही जाती है। ऐसे हालात में जब लड़की का पिता वर पक्ष की मांग पूरी नहीं कर पाता तो लड़की को प्र'ताड़ना झेलनी पड़ती है। हैरानी की बात है कि दहेज लोभियों ने एक महिला सिपाही तक को नहीं छोड़ा। ऐसे में न्याय की उम्मीद लोग किससे लगायें।