द फॉलोअप टीम, रांची:
जगरन्नाथ महतो की कैबिनेट में वापसी हो गई है। उनको शिक्षा औऱ उत्पाद मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जगरन्नाथ महतो से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। गौरतलब है कि जगरन्नाथ महतो के बीमार पड़ने के बाद से ये मंत्रालय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद संभाल रहे थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जगरन्नाथ महतो बीते वर्ष नवंबर महीने में बीमार हो गए थे। वे कोरोना संक्रमित पाए गए थे। उनका लंबा इलाज चला।
मुख्यमंत्री ने जगरन्नाथ महतो से की मुलाकात
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद जगरन्नाथ महतो के आवास पर जाकर उनको ये प्रभार सौंपा। प्रभार संभालते ही मंत्री जगरन्नाथ महतो ने पारा शिक्षक कल्याण कोष बनाये जाने को मंजूरी दी। गौरतलब है कि काफी पहले ही पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था। इस कोष में प्रतिमाह पारा शिक्षकों को कुछ राशि जमा करनी होगी। इस राशि में सरकार अपनी तरफ से योगदान देगी। पारा शिक्षकों की आकस्मिक मृत्यु अथवा गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर इस कल्याण कोष से पारा शिक्षकों की सहायता की जाएगी। कहा जा रहा है कि जैसे ही जगरन्नाथ महतो ऑफिस में पदभार संभालेंगे, इस कोष को मंजूरी दी जाएगी। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

कोरोना की वजह से लंबे वक्त तक बीमार रहे जगरन्नाथ
आपको बता दें कि जगरन्नाथ महतो नवंबर 2020 में कोरोना संक्रमित हो गए थे। उनको पहले रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बाद में हालत बिगड़ने पर उनको चेन्नई के एमजीएम हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। उनके फेफड़े संक्रमण की वजह से काफी हद तक खराब हो चुके थे। ऐसी स्थिति में उनका लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया। ऑर्गन ट्रांसप्लांट करने के बाद चिकित्सकों ने उनको चेन्नई में रहकर ही स्वास्थ्य लाभ लेने की सलाह दी थी। वे नवंबर 2020 से लेकर जून 2021 तक चेन्नई में ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। उनकी अनुपस्थिति में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शिक्षा मंत्रालय संभाल रहे थे। जून महीने में ही जगरन्नाथ महतो विशेष विमान से झारखंड लौटे। तब हेमंत सोरेन ने उनको टाइगर कहकर संबोधित किया था।
जगरन्नाथ महतो के सामने होंगी कई चुनौतियां
जगरन्नाथ महतो को शिक्षा और उत्पाद मंत्रालय का प्रभार सौंप दिया गया है। बतौर शिक्षा मंत्री जगरन्नाथ महतो के सामने कई चुनौतियां हैं। ई कल्याण पोर्टल को लेकर छात्र सड़क पर हैं। पारा शिक्षकों का मसला ज्वलंत बना हुआ है। वे लगातार स्थायीकरण और वेतनवृद्धि की मांग कर रहे हैं। कोरोना काल की वजह से सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था चौपट है। ऑनलाइन क्लास की सुविधा सबको नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में रोजगार का मुद्दा तो है ही। बता दें कि चेन्नई से लौटने के बाद जगरन्नाथ महतो ने कहा था कि मेरी मुख्यमंत्री से अपील है कि जल्दी मुझे पदभार सौंपे।