द फॉलोअप टीम, पटना:
बिहार में गंगा नदी पर 18 बिज्र का निर्माण करवाया जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक पांच साल में कुल 18 ब्रिज के निर्माण की योजना है। मिली जानकारी के मुताबिक दक्षिण और उत्तर बिहार के बीच संपर्क को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने ये योजना बनाई है। योजना के मुताबिक गंगा नदी में प्रत्येक 40 किमी की दूरी पर एक पुल का निर्माण किया जाएगा। कुल 18 पुल बनाए जाएंगे। जल्द ही इस पर अमल होगा।
आगामी पांच वर्षों में पूरी हो जायेगी परियोजना
मिली जानकारी के मुताबिक आगामी पांच वर्षों में इस योजना को पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। उद्देश्य है कि यदि योजना शत प्रतिशत सफल होती है तो मानसून के समय भी दक्षिणी और उत्तरी बिहार के बीच संपर्क नहीं कटेगा। आसानी से आवागमन की सुविधा मिलेगी। गौरतलब है कि मानसून के समय पूरा उत्तरी बिहार बाढ़ की चपेट में आ जाता है। ऐसे में गंगा नदी में पुल नहीं होने की वजह से इसका संपर्क बिहार के बाकी हिस्सों से कट जाता है।

मानसून के मौसम में भी सुचारू होगा आवागमन
योजना का उद्देश्य ये है कि बारिश के मौसम में भी यातायात सुचारू रूप से जारी रह सकेगा। बाढ़ के समय राहत और बचाव कार्य में भी स्थानीय जिला प्रशासन को मदद और सहूलियत मिल सकेगी। गौरतलब है कि पहले बिहार में 10 लेन वाले केवल 4 पुल थे लेकिन अब राज्य सरकार ने गंगा नदी पर 62 लेन के 18 पुलों के निर्माण की योजना बनाई है। यही नहीं, आगामी 100 सालों के लिए ट्रैफिक प्लान के तहत गांधी सेतु के पास से 4 लेन के एक पुल निर्माण का काम भी जारी है। इस योजना को वर्ष 2024 तक पूरा करना है। इससे पटना औऱ हाजीपुर की कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
युद्धस्तर पर जारी है महात्मा गांधी सेतु पुनर्निर्माण
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महात्मा गांधी सेतु पर सुपरस्ट्रक्चर बदलने का काम युद्धस्तर पर जारी है। पश्चिमी लेन का काम पूरा हो चुका है। पूर्वी लेन का काम भी जारी है। सरकार ने दावा किया है कि साल 2024 तक काम पूरा कर लिया जायेगा। गांधी सेतु के दोनों तरफ लेन का निर्माण पूरा हो जाने पर लोगों को जाम की समस्या नहीं होगी। गौरतलब है कि उत्तर बिहार को जोड़ने वाले महात्मा गांधी सेतु का काम 1983 में ही पूरा किया गया था।