द फॉलोअप टीम, पटना:
बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में कहा हमने उन्हें कमतर होने के बाद भी स्वीकार किया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड केवल 43 सीटें जीत पाई। भारतीय जनता पार्टी ने 74 सीटों पर जीत दर्ज की। ये दिखाता है कि भारतीय जनता पार्टी बड़ा दिल रखती है। इसके अलावा भी सम्राट चौधरी ने कई ऐसी बातें कहीं जिस पर सियासी बवाल हो सकता है।
कम सीटें जीतकर भी नीतीश को सीएम पद मिला
मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कम सीटें जीतने के बाद भी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद मिला। ये नई बात नहीं है। साल 2000 में भी सीएम को नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार किया गया जबकि उन्होंने तब भी केवल 37 सीटें ही जीती थीं। भारतीय जनता पार्टी ने उस वक्त 69 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने कहा कि हमें पार्टी को मजबूत करने और एक इकाई के रूप में कार्य करने की जरूरत थी। हमने बिहार की बेहतरी के लिए सीएम पद छोड़ना स्वीकार किया।

गठबंधन सरकार चलाना चुनौतियों से भरा हुआ
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि बिहार में हमारी गठबंधन की सरकार है। ये हमारी यानी भारतीय जनता पार्टी की स्वतंत्र सरकार नहींहै। बिहार में काम करना हमारे लिए काफी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि 4 अलग-अलग विचारधाराएं साथ काम कर रही हैं। ऐसे में हमें बहुत कुछ सहना पड़ता है। सम्राट चौधरी ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में हमारी पार्टी स्वतंत्र सरकार चला रही है। वहां फैसला लेना आसान होता है। बिहार में ये चुनौतीपूर्ण है क्योंकि सबका खयाल रखना होता है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जब तक बिहार में बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में नहीं आती बहुत सुधार करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी बिहार कैबिनेट में पंचायती राज मंत्री हैं। कहा जा रहा है कि वहां खींचतान जारी है।
बिहार में बीजेपी और जदयू के बीच खींचतान की खबर
बता दें कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी औऱ जनता दल यूनाइटेड के बीच खींचतान की खबर है। पहले जातिगत आरक्षण औऱ फिर जातिगत जनगणना के आधार पर दोनों पार्टियों के बीच खींचतान है। हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी औऱ तेजप्रताप यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की औऱ मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा था। उस मुलाकात के अलग सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि सम्राट चौधरी के बयान का जदयू क्या जवाब देती है।