द फाॅलोअप टीम, पटना:
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कई ऐसी सीटें हैं, जिन पर दिग्गज नेता अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दूसरे दौर की कुछ हाई प्रोफाइल सीटों पर सिर्फ बिहार की ही नहीं बल्कि देश भर की निगाह है। नीतीश सरकार के कई मंत्रियों और पूर्व सीएम के बेटे से लेकर महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार, तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव तक की सीटें इस दौर में शामिल हैं।
दूसरे चरण में इन सीटों पर है सबकी नजर
दूसरे चरण की 94 सीटों पर 1463 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस चरण में कई ऐसी सीटें हैं, जिन पर दिग्गज नेताओं की किस्मत का फैसला होना है। वैशाली जिले की राघोपुर विधानसभा सीट से आरजेडी नेता तेजस्वी यादव दूसरी बार चुनावी मैदान में हैं। तेजस्वी को महागठबंधन ने मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया है, जिसकी वजह से इस सीट पर पूरे देश की नजर है। बीजेपी ने उनके सामने सतीश कुमार को उतारा है। सतीश, 2010 के चुनाव में पूर्व सीएम राबड़ी देवी को हरा चुके हैं। समस्तीपुर जिले की हसनपुर विधानसभा सीट से पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव मैदान में हैं। 2015 में उन्होंने महुआ से चुनाव जीता था, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी सीट बदल दी है। पटना जिले की बांकीपुर विधानसभा सीट काफी चर्चा में है। यहां से अभिनेता और पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। बीजेपी से तीन बार के विधायक नितिन नवीन के अलावा प्लुरल्स पार्टी की अध्यक्ष और सीएम उम्मीदवार पुष्पम प्रिया भी चुनौती पेश कर रही हैं। सारण जिले की परसा विधानसभा सीट काफी हाई प्रोफाइल मानी जा रही है और इस बार यहां काफी कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। जेडीयू के टिकट पर यहां से पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय के बेटे और लालू यादव के समधी चंद्रिका राय मैदान में उतरे हैं। राजधानी पटना की सबसे वीआईपी विधानसभा सीट पटना साहिब से बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता नंद किशोर यादव चुनावी मैदान में हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा की सदर सीट से बिहार सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार की प्रतिष्ठा दांव पर है। सारण जिले की हथुआ विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू नेता और बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह मैदान में हैं। पूर्वी चंपारण जिले की मधुबन विधानसभा सीट से राज्य सरकार में सहकारिता मंत्री और बीजेपी नेता राणा रणधीर चुनावी मैदान में हैं। चेरिया बरियारपुर विधानसभा सीट से नीतीश सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहीं मंजू वर्मा को जेडीयू ने फिर से मैदान में है। आनंद मोहन के बेटे और पत्नी भी चुनाव मैदान में हैं। जेल में बंद बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद को आरजेडी ने शिवहर सीट से जबकि उनकी पत्नी लवली आनंद को साहरसा सीट से उतारा है।