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बिहार के जेलों में काले खेल का पर्दाफाश! तलाशी अभियान में मिली कई आपत्तिजनक चीजें

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द फॉलोअप टीम, पटना: 
बिहार के कई शहरों में मौजूद जेलों में छापेमारी अभियान चलाया गया। छापेमारी अभियान जिला प्रशासन की तरफ से चलाया गया जिसमें उक्त जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और एसपी ने अभियान का नेतृत्व किया। छापेमारी के दौरान जेलों से जो सामग्री मिली उसने बिहार के जेलों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी। आप ये जानकर हैरान हो जायेंगे कि इन जेलों से चाकू, कैंची, मोबाइल फोन, सिमकार्ड, तंबाकू सहित अन्य नशे का सामान बरामद किया गया। सवाल है कि ये सामान जेल तक कैसे पहुंचे। 

बेऊर जेल उपाधीक्षक की भूमिका संदिग्ध
राजधानी पटना के बेऊर जेल में डीएम चंद्रशेखर सिंह के नेतृत्व में छापेमारी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान टीम को 2 मोबाइल फोन, कई सिमकार्ड्स, डायरी, बैंक खाता डिटेल और तंबाकू मिला। हैरानी की बात है कि छापेमारी करने गयी टीम को तकरीबन आधा घंटा इंतजार करना पड़ा। जांच में जेल उपाधीक्षक संजय कुमार सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गयी है। जिला प्रशासन ने उन्हें शोकॉज नोटिस जारी किया है। यहां बंद पूर्व एमपी विजयकृष्ण के पास से मोबाइल मिला है। जिला प्रशासन ने पूर्व सांसद पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच की जा रही है। 

बिहार के सभी जिलों में सघन तलाशी चली
जानकारी के मुताबिक बिहार के लगभग सभी जिलों में जिला प्रशासन ने सघन तलाशी अभियान चलाया। पटना, नालंदा, बक्सर, नवादा, जहानाबाद, कटिहार सहित कई अन्य जिलों में छापेमारी की गयी। किशनगंज में जिला प्रशासन की टीम को जेल से चाकू, कैंची और तंबाकू जैसी चीजें मिलीं। नालंदा जेल में तीन मोबाइल फोन बरामद किया गया। 
आरा से मोबाइल और चार्जर मिला। गोपालगंज जेल में जिला प्रशासन की टीम ने मोबाइल फोन और पेन ड्राइव जब्त किया है। बेगुसराय जेल से भारी मात्रा में कैंची मिली है। कटिहार जेल में नशे का सामान बरामद किया गया। 

जेल में काले खेल का क्या होगा जवाब
बिहार के अलग-अलग जिलों में कारावासों में सघन तलाशी अभिायन और बरामद चीजों की खबर ने हड़कंप मचा दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जेल तक आपत्तिजनक सामान कैसे पहुंचते हैं। क्या ये जेल अधीक्षक या उपाधीक्षक की जानकारी के बिना संभव है। क्या रसूखदार जेल में एक कैदी की तरह रहते हैं या उन्हें विशेष सुविधा दी जा रही है। इन सवालों से बिहार सरकार, बिहार पुलिस प्रशासन और जेल प्रशासन को दो चार होना पड़ेगा और जवाब भी देना होगा। देखते हैं आगे क्या होता है।