द फॉलोअप टीम, पटना:
दीपावली मनाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। वहीं, गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर तेजस्वी यादव को राजद विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके बाद तेजस्वी को पार्टी विधायक दल के नेता साथ महागठबंधन के घटक दलों की सहमति से नेता प्रतिपक्ष भी चुन लिया गया है। इसके बाद तेजस्वी मीडिया से भी रू-ब-रू हुए। उन्होंने नीतीश कुमार को निशाने पर लेते हुए छल-कपट और जोड़-तोड़ से सरकार बनाने पर उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया।
पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया पर सवाल दागा
चुनाव आयोग से तेजस्वी ने सवाल पूछा कि रात के अंधेरे में ईवीएम रखी हुई गाड़ी इधर-उधर क्यों की जा रही थी। पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया पहले होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, आखिर क्यों? तेजस्वी ने मतदान केंद्रों की फुटेज वाली सीडी को सीलबंद कर रखने की आयोग से अपील की। उन्होंने कहा कि नियमानुसार 40 दिनों तक फुटेज और ईवीएम को सुरक्षित रखना है। तेजस्वी ने कहा कि आश्चर्य हो रहा है कि बड़ी तादाद में पोस्टल बैलेट्स को रद्द किया गया।
'छोटे दल जनादेश का सम्मान करें'
तेजस्वी ने सीएम नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि अब तक सामने नहीं आये हैं। ऐसा लगता है फिर से क्वारंटाइन हो गए हैं। तेजस्वी ने बिहार की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि भले छल-कपट से लोग सत्ता की कुर्सी पर बैठ जाएं, लेकिन लोगों ने हमें दिल में बिठाया है। इसके लिए जनता को धन्यवाद करता हूं। लगे हाथ तेजस्वी ने छोटे दलों को ऑफर देते हुए कहा कि छोटे दल अगर जनता के जनादेश के साथ आना चाहते हैं तो हम सम्मान करेंगे। मेरा मानना है महागठबंधन ने 130 सीटें हासिल की हैं।
'हमने जनमुद्दों को तरजीह दी'
तेजस्वी ने कहा कि पूरे चुनाव में हमने मुद्दों को तरजीह दी और उसी पर बात की। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, पलायन जैसे तमाम मुद्दे उठाए। हमलोगों ने सकारात्मक रूप से राजनीति की और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि जनता ने हमारा साथ दिया।
'एक तरफ धनबल, तो दूसरी ओर जनबल का जोर'
उन्होंने कहा कि आक्रोश इस बात का है एक तरफ धनबल चल रहा है और दूसरी तरफ जनबल का जोर है। एक तरफ देश के बहुत ही शक्तिशाली प्रधानमंत्री और एक बिहार के मुख्यमंत्री तमाम पूंजीपति मिलकर जोड़-तोड़ से इस 31 साल के नौजवान को रोकने में नाकाम रहे। जब यह हो न सका, तो बीजेपी के प्रकोष्ठ ने सब कुछ किया। तेजस्वी ने कहा कि अगर जनवरी तक व्यवस्था नहीं सुधरी तो हमलोग बड़ा आंदोलन करेंगे। कुछ लोग कह रहे हैं कि हमलोग रो रहे हैं, लेकिन हमलोग रोने वाले नहीं, संघर्ष करनेवाले लोग हैं। जनता के बीच रहनेवाले लोग हैं और सबको साथ लेकर चलते हैं।