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दहेज के लिए 2 दिसंबर को जलाई गई नुसरत की 7 को मौत, अभी तक पुलिस के हाथ खाली

मरने से पहले नुसरत ने वीडियो में कहा कि उसके ससुराल वालों ने उसे जलाया गया है। मगर फिर भी इंसाफ के लिए थानों की दौड़ लगा रहे हैं पिता मुमताज राय। 

द फॉलोअप टीम, रांची 
दहेज के लिए बेटियों का जलाया जाना अब भी जारी है। दूर किसी गांव में नहीं, राजधानी से सटे क्षेत्र नगड़ी में ही। घटना के पांच दिन बाद बेटी की मौत हो गई, लेकिन फिर भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पिता थानों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक उन्हें यह भी पता नहीं चल सका है कि जलाए जाने के बाद उनकी बेटी का पहला बयान क्या था। 

नुसरत परवीन नगड़ी थाना क्षेत्र के नया सराय में ब्यूटी पार्लर चलाती थी, 2015 में उन्होंने नया सराय में ही इरशाद आलम से शादी की। यह लव मैरिज थी। 2 दिसंबर 2020 की रात 11 बजे नुसरत के पिता मुमताज राय को फोन आया कि उनकी बेटी आग में जल गई है। मुमताज बेटी के घर पहुंचे जो कि पास में ही है, तब तक नुसरत को अस्पताल ले जाया गया था। 7 दिसंबर को नुसरत ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। 



नुसरत ने वीडियो में कहा – मुझे जलाया गया है 
अगले दिन अस्पताल में नुसरत के पिता ने उससे बात की। नुसरत ने बताया कि उसे उसके ससुराल वालों ने जलाया है। पति और सास पर प्रताड़ना के आरोप भी लगाए। हालांकि इससे पहले कभी ऐसी शिकायत नुसरत ने नहीं की थी, उनके पिता ने बताया। वीडियो में नुसरत कह रही है कि उनके पति का किसी गैर लड़की के साथ संबंध भी था। यह बयान नुसरत ने मरने के कुछ दिन पहले ही दिया था। 

नुसरत के जनाजे तक में नहीं आया इरशाद या उसका परिवार 
पिता मुमताज ने बताया कि नुसरत के निधन के बाद उसके जनाजे में ससुराल वालों में से कोई नहीं आया। यहां तक कि इरशाद भी नहीं पहुंचा। इसके बाद पिता का शक और गहरा हो गया है। इस मामले को लेकर मुमताज राय ने पुलिस में शिकायत की है। वे ग्रामीण एसपी से भी मिले हैं। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। मुमताज हर दिन नगड़ी थाना के चक्कर लगा रहे हैं। 

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इरशाद से नहीं हो सका संपर्क 
द फॉलोअप की टीम ने आरोपी इरशाद का पक्ष जानने के लिए उसके दोनों नंबर पर कई दफा फोन किया। लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। मैसेज का भी जवाब नहीं आया। इधर नगड़ी थाने में फोन करने पर थाने प्रभारी ने कहा कि सोमवार को ही उनका ट्रांसफर नगड़ी थाने में हुआ है। इसलिए इस विषय पर कुछ भी कह पाना उनके लिए संभव नहीं है। इस रिपोर्ट में लिखी सभी बातें मुमताज राय द्वारा पुलिस को की गई शिकायत पर आधारित हैं। नुसरत को जलाए जाने के 13 दिन बाद और उसकी मृत्यु के आठ दिन बाद भी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।