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पहले चरण के चुनाव में सभी पार्टियों ने खेला फॉरवर्ड कार्ड

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द फॉलोअप टीम, पटना:
जिस राज्य में दलितों और पिछड़ों के नाम पर राजनीति होती हो, वहां ये तथ्य थोड़ा अजीब लगेगा। लेकिन सियासत का यही सच है। बिहार चुनाव के पहले चरण में करीब-करीब सभी पार्टियों ने 'फॉरवर्ड कार्ड' खेला है। पहले चरण की लिस्ट तो सीधे-सीधे यही कहानी बयां कर रही है। बड़ी बात तो ये है कि इसमें सीपीआई  का नाम भी शामिल है।

भाजपा की पहली सूची में 16 सवर्ण कैंडिडेट
बीजेपी ने मंगलवार की रात पहले चरण के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। पहले आपको कुछ नाम गिना दें... बिक्रम से अतुल कुमार, लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा, बाढ़ से ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, बड़हरा से राघवेंद्र प्रताप सिंह और आरा से अमरेंद्र प्रताप सिंह। इन नामों से आपको काफी कुछ समझ में आ गया होगा। कुल मिलाकर बीजेपी ने पहले चरण के लिए 27 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जिसमें से 16 सवर्ण ( राजपूत-7, भूमिहार-6 और ब्राह्रण-3) हैं।

40 में से 10 सवर्णों पर लगे हैं दांव 
अगर सत्ताधारी और भाजपा की सहयोगी जदयू  और हम की बात करें, तो यहां दोनों ही पार्टियों ने पहले चरण के 40 उम्मीदवारों में से 10 सवर्णों पर दांव लगाया है। इनमें राजपूत बिरादरी के 5 और भूमिहार बिरादरी के 5 कैंडिडेट शामिल हैं।

फॉरवर्ड कार्ड में सीपीआई भी पीछे नहीं
सीपीआई ने भी पहले चरण में सवर्ण उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। ये अलग बात है कि इस पार्टी के ज्यादातर कैडर दलित और पिछड़े समुदाय से आते हैं। बावजूद इसके पार्टी ने इस चुनाव में दो सवर्ण यानी भूमिहार बिहादरी के उम्मीदवारों पर दांव खेला है।

लोजपा पर एनडीए में खुलकर नहीं हुई बात 
दरअसल मंगलवार को अचानक खबर आई कि नीतीश कुमार और सुशील मोदी पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। शाम 5:00 बजे होटल चाणक्य में शेड्यूल तय हुआ। दरअसल इसी होटल में भाजपा का मीडिया सेल भी काम कर रहा है। लेकिन जब प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हुई तो यह तय कर पाना बहुत मुश्किल था कि एनडीए की सीट शेयरिंग पर बात हो रही है या चिराग पासवान पर। हालांकि नीतीश कुमार के दबाव में इस साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के 2 घंटे पहले बीजेपी अपनी कवायद पूरी कर चुकी थी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने आनन-फानन में 40 सेकंड का प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और जताने की कोशिश की कि नीतीश कुमार ही एनडीए के नेता हैं और जो उनके नेतृत्व को स्वीकार नहीं करेगा वह एनडीए में नहीं रहेगा।